नगर निगम परिषद की बैठक में हंगामा, पार्षद बल्ली सोनी ने पहले की इस्तीफे की पेशकश, कुछ देर बाद कलेक्टर से मुलाकात करने की कही बात, धारा 17 के तहत सवालों के जवाब नहीं मिलने पर सदन में तीखी बहस
कटनी। नगर निगम परिषद की बैठक में विकास कार्यों की उपेक्षा, धारा 17 के तहत पूछे गए सवालों के जवाब और अन्य मुद्दों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। इसी दौरान इंदिरा गांधी वार्ड के पार्षद ओमप्रकाश सोनी उर्फ बल्ली सोनी ने अपने वार्ड में विकास कार्यों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए परिषद अध्यक्ष मनीष पाठक के समक्ष लिखित रूप से इस्तीफे की पेशकश कर दी। हालांकि, उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ। बैठक के बाद बल्ली सोनी ने वीडियो जारी कर घोषणा की कि वे अगले दिन कलेक्टर से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपेंगे। परिषद की बैठक प्रारंभ होने से पूर्व पहली बार परिषद की बैठक में हिस्सा ले रहे नवनियुक्त एल्डरमैन पार्षदों का परिषद के द्वारा सम्मान भी किया गया। इस दौरान मुख्य रूप से एल्डरमैन एवं अधिवक्ता प्रमोद तिवारी टिंकू, अनुराग त्रिसोलिया सहित अन्य एल्डरमैन मौजूद रहे।
धारा 17 के सवालों पर आमने-सामने आए पार्षद और कमिश्नर
परिषद की बैठक में धारा 17 के तहत 20 पार्षदों के सवाल लगाए गए थे। पार्षदों को उम्मीद थी कि नगर निगम कमिश्नर तपस्या परिहार इन सवालों का जवाब देंगी। जब परिषद अध्यक्ष मनीष पाठक ने कमिश्नर से जवाब देने को कहा, तो उन्होंने एक्ट का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि पार्षदों के सवालों के जवाब महापौर या मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) के सदस्य दे सकते हैं, कमिश्नर स्वयं जवाब नहीं दे सकतीं। कमिश्नर के इस स्पष्टीकरण के बाद सदन में बहस तेज हो गई। पार्षद राजेश भास्कर ने भी सवालों के जवाब नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। वहीं, महापौर प्रीति सूरी द्वारा केवल दो पार्षदों के सवालों के जवाब दिए जाने के बाद नाराजगी और बढ़ गई। देखते ही देखते सदन में हंगामा शुरू हो गया और पार्षद बैठक से बाहर निकल गए। कुछ समय के अंतराल के बाद बैठक दोबारा शुरू हुई, लेकिन विवाद के बीच परिषद अध्यक्ष मनीष पाठक ने बैठक अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी।
विकास कार्य लंबित होने से नाराज बल्ली सोनी
इंदिरा गांधी वार्ड के पार्षद ओमप्रकाश सोनी उर्फ बल्ली सोनी ने अपने वार्ड में विकास कार्यों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि नागरिकों ने कॉलोनियों के विकास के लिए विधिवत विकास शुल्क जमा कराया था। इसके बावजूद प्रशासनिक बदलाव के बाद स्वीकृत विकास कार्यों को गति नहीं मिल सकी और कई कार्य लंबित पड़े हैं। उन्होंने विभिन्न वार्डों में हुए निर्माण कार्यों की जानकारी और अपने वार्ड में विकास कार्यों की उपेक्षा पर नाराजगी जताई। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने परिषद अध्यक्ष को लिखित पत्र सौंपकर इस्तीफे की पेशकश की और सदन से बाहर निकल गए। इस घटनाक्रम के कुछ देर बाद बल्ली सोनी ने वीडियो जारी कर कहा है कि वे अगले दिन कलेक्टर से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपेंगे। ऐसे में उनके अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
विधायक ने उठाया आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती का मुद्दा
बैठक में विधायक संदीप जायसवाल ने नगर निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की भर्ती करते समय उनकी योग्यता और संबंधित पद की आवश्यक अहर्ताओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। विधायक ने जोर दिया कि भर्ती से संबंधित फाइल में स्पष्ट रूप से उल्लेख होना चाहिए कि संबंधित पद के लिए किस प्रकार की योग्यता जरूरी है। इससे योग्य व्यक्तियों को जिम्मेदारी मिल सकेगी और नगर निगम की कार्यप्रणाली एवं छवि बेहतर होगी। बैठक के दौरान विधायक जायसवाल पार्षद बल्ली सोनी को समझाकर उनका इस्तीफा वापस लेने के लिए मनाने का प्रयास करते भी नजर आए।
अन्य पार्षदों ने भी उठाए अहम मुद्दे
मिथिलेश जैन ने जलकर बकाया होने का मुद्दा उठाया। पार्षद मिथिलेश जैन ने जलकर की वसूली में कथित दोहरे मापदंड का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि डिप्टी कमिश्नर के बंगले का करीब दो लाख रुपये का जलकर बिल बकाया है, लेकिन कार्रवाई छोटे बकायादारों पर ही की जा रही है। उन्होंने प्रभावशाली लोगों से भी समान रूप से बकाया वसूलने की मांग की। साथ ही परिषद की बैठकें निर्धारित समय-सीमा के भीतर आयोजित करने का मुद्दा भी उठाया।
अब कलेक्टर को इस्तीफा सौंपने का ऐलान
परिषद की बैठक में लिखित रूप से इस्तीफे की पेशकश करने के बाद बल्ली सोनी ने वीडियो जारी कर अपना अगला कदम स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा है कि वे अगले दिन कलेक्टर से मुलाकात कर इस्तीफा सौंपेंगे। फिलहाल परिषद अध्यक्ष के समक्ष दिया गया उनका पत्र इस्तीफे की पेशकश के रूप में सामने आया है और उसे स्वीकार किए जाने की जानकारी नहीं है। अब देखना होगा कि कलेक्टर से मुलाकात के बाद इस मामले में क्या स्थिति बनती है और वार्ड के लंबित विकास कार्यों को लेकर नगर निगम प्रशासन क्या कदम उठाता है।
नगर निगम परिषद की इस बैठक ने एक बार फिर विकास कार्यों की गति, जनप्रतिनिधियों के सवालों के जवाब और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दों को केंद्र में ला दिया है।