समयबद्ध कार्यप्रणाली से बढ़ेगा जनविश्वास, हर आवेदन का तय समय में करें निराकरण, निगमायुक्त ने विभागवार रजिस्टर संधारित कर प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने के दिए निर्देश
कटनी। नगर निगम में सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रशासन की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन इस बात से होता है कि नागरिकों के कार्य कितनी शीघ्रता और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जा रहे हैं। प्रत्येक आवेदन किसी नागरिक की समस्या, अपेक्षा और अधिकार से जुड़ा होता है, इसलिए उसका निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता होना आवश्यक है।
निगमायुक्त ने कहा कि यदि विभाग नियमित रूप से अपने कार्यों की समीक्षा और मॉनिटरिंग करेंगे तो न केवल लंबित प्रकरणों में कमी आएगी, बल्कि विकास कार्यों एवं शासकीय योजनाओं का लाभ भी समय पर आमजन तक पहुंच सकेगा। इसी उद्देश्य से सभी विभाग अपने कार्यालय में प्राप्त आवेदनों, लंबित प्रकरणों, विकास कार्यों एवं शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का पृथक-पृथक रजिस्टर संधारित करें तथा उसे प्रतिदिन अद्यतन करते हुए उसकी नियमित समीक्षा करें। निगमायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक अधिकारी अपने विभाग के लंबित प्रकरणों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें और उनके निराकरण की दैनिक प्रगति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नियमित मॉनिटरिंग से कार्यों में पारदर्शिता बढ़ती है, जवाबदेही तय होती है और अनावश्यक विलंब की संभावना समाप्त होती है। इससे नागरिकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध होंगी और प्रशासन के प्रति उनका विश्वास भी सुदृढ़ होगा।
बैठक में उन्होंने समय सीमा के चिन्हित पत्रों पर की गई कार्यवाही की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। निगमायुक्त द्वारा विकास कार्यों एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराए जाएं। किसी भी स्तर पर शिथिलता या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समयबद्ध, पारदर्शी एवं जवाबदेह कार्यप्रणाली ही प्रभावी प्रशासन की पहचान है और सभी अधिकारी इसी भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करें।








