20 हजार शिक्षक कर रहे चतुर्थ समयमान वेतनमान का बेसब्री से इंतज़ार, सरकार ने सहायक शिक्षकों और उच्चश्रेणी शिक्षकों के साथ हो रहे अन्याय को समझा

20 हजार शिक्षक कर रहे चतुर्थ समयमान वेतनमान का बेसब्री से इंतज़ार, सरकार ने  सहायक शिक्षकों और उच्चश्रेणी शिक्षकों के साथ हो रहे अन्याय को समझा

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कटनी। चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान के मिलने की आशा में आस लगाये बैठे हजारों शिक्षकों को भरोसा है, कि निकट भविष्य में होने वाली मोहन केबिनेट की बैठक में उनकी चौथी क्रमोन्नती से जुड़ी मांग पर मुहर लग सकती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इससे जुड़ी फाइल सेकेट्री कार्यालय में आने के बाद प्रारूप पर अनुमोदन भी ले लिया गया है। चूंकि अब उक्त मामले को केबिनेट में पास होने के लिये रखा जाना प्रस्तावित है, जिस पर केबिनेट की अंतिम मुहर लगते ही हजारों शिक्षक जिनके साथ बुरी तरह से छालावा हुआ था, अब उन्हें भी उनके महरूम किये गये हक से लाभान्वित किया जाने की संभावना बढ़ जाएगी। जानकारी देते हुए, प्रांतीय प्रवक्ता अधिकारी -कर्मचारी संयुक्त मोर्चा कुंवर मार्तण्ड सिंह राजपूत ने बताया कि, इस प्रकरण में, अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा संघ और समग्र शिक्षक संघ द्वारा विगत लंबे समय से लाभ से वंचित किये गये समस्त शिक्षकों को उनका वाजिब हक दिलाने के लिये लगातार संघर्ष किया जा रहा था। बार बार मुख्य मंत्री और मुख्य सचिव से मिलकर वस्तु स्थिति से उन्हें परिचय कराया जा रहा था। लेकिन वित्त विभाग द्वारा शिक्षकों के आर्थिक हित से जुड़ी उक्त फाइल को बार बार लौटाने से, संपूर्ण शिक्षक संवर्ग नैरस्यमय रुख अपना कर यह मान कर चल रहा था, कि उन्हें शायद ही मोहन सरकार उनका वाजिब हक़ देगी। लेकिन कर्मचारीयों के हित संरक्षण में समर्पित वर्तमान मध्यप्रदेश सरकार ने माना कि, चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ पाना सभी शिक्षकों का संवैधानिक अधिकार है, और उन्हें यह लाभ मिलना कोई खैरात नहीं बल्कि उनके साथ न्यायोचित कदम है। क्योंकि शासन द्वारा उक्त लाभ से शिक्षा विभाग के ही व्याख्याता और प्राचार्यों को लाभान्वित किया जा चुका है। किन्तु अन्य शिक्षकों को उक्त महत्वपूर्ण आर्थिक लाभ से वंचित रखने से शासन की किरकिरी हो रही है। शासन के समक्ष सहायक शिक्षकों और उच्चश्रेणी शिक्षकों का जबरजस्त पक्ष रखते हुए, समग्र शिक्षक संघ के जुझारू प्रदेश अध्यक्ष पं.सुरेश दुबे और संयुक्त मोर्चा संघ के संरक्षक ठा. जितेंद्र सिंह को मध्य प्रदेश सरकार को यह बात समझाने में सफलता मिली, कि प्रदेश के उच्च श्रेणी शिक्षकऔर सहायक शिक्षक भी शिक्षक बिरादरी के ही आवश्यक अंग है। अतः वे भी चतुर्थ समयमान वेतनमान पाने के पूर्ण हकदार हैं। हाला इस संबंध में अनेकों अनेक याचिकायें भी शिक्षकों द्वारा उच्च न्यायलय में दाखिल की गयीं, परिणाम स्वरूप कोर्ट द्वारा भी राज्य शासन के द्वारा पूर्व पारित आदेश को सौतेला आदेश बताकर शासन की खिंचाई भी गयी.साथ ही अदालत की शरण लिये शिक्षकों को लाभ प्रदान करने का आदेश भी कोर्ट द्वारा दिया गया। सरकार के ऊपर पड़े चहुँ तरफा दबाब से आखिर कार सरकार द्वारा अब निर्णय लिया जा चुका है कि, समस्त शिक्षक संवर्ग को चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ मिलना उनका वाजिब हक है। यही कारण है कि अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारीयों में संस्थापक सरमन तिवारी, जिलाध्यक्ष ए. के. बत्रा, सचिव हरप्रीत सिंह ग्रोवर, महामंत्री सुनील मिश्रा और समग्र शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा सहित अनेकों अनेक पदाधिकारीयों ने इस आशय के आदेश यथा शीघ्र शासन स्तर से जारी होने की संभावना व्यक्त किये हैं।

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Author: RashtraRakshak

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