सीपीसीटी और ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता के विरोध में लघु वेतन कर्मचारी संघ ने किया प्रदर्शन
कटनी। मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ की कटनी जिला इकाई ने कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय में प्रदर्शन किया। संघ के जिलाध्यक्ष पूर्णेश उइके एवं मीडिया प्रभारी अनिल पांडेय के नेतृत्व में मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव मध्य प्रदेश शासन के नाम छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शन के दौरान चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सहायक ग्रेड-3 पद पर पदोन्नति के लिए सीपीसीटी की अनिवार्यता और ई-अटेंडेंस व्यवस्था का विरोध किया गया। संघ पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने संबंधित आदेशों की प्रतियां जलाकर अपना आक्रोश जताया। संघ ने मांग की कि भृत्य, चौकीदार और कार्यालय परिचालक सहित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 पद पर पदोन्नति के लिए सीपीसीटी की अनिवार्यता से स्थायी छूट दी जाए। संघ का कहना है कि बड़ी संख्या में कर्मचारी 40 वर्ष से अधिक आयु के हैं और उन्हें कंप्यूटर प्रशिक्षण का पर्याप्त अवसर नहीं मिला है, जिसके कारण सीपीसीटी परीक्षा पदोन्नति में बाधा बन रही है।
ई-अटेंडेंस से छूट की मांग
कर्मचारी संघ ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ई-अटेंडेंस से छूट देने की मांग भी की। संघ के अनुसार कई कर्मचारी की-पैड मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं और कुछ के पास स्मार्टफोन तक उपलब्ध नहीं हैं। वहीं भृत्य कर्मचारी डाक, फाइल एवं अन्य शासकीय कार्यों के लिए अक्सर कार्यालय से बाहर रहते हैं, जिससे ई-अटेंडेंस दर्ज करना व्यावहारिक नहीं है। संघ ने मांग की कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए उपस्थिति पंजी एवं कार्यालय प्रमुख के प्रमाणीकरण को मान्य किया जाए। यदि ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू रखना आवश्यक है तो कर्मचारियों को मोबाइल, डाटा सुविधा और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए।
छह सूत्रीय मांगों को लेकर उठाई आवाज
ज्ञापन में आकस्मिक कार्यभारित, दैनिक वेतनभोगी, स्थायी कर्मी एवं अंशकालीन कर्मचारियों की मांगें भी शामिल रहीं। संघ ने आकस्मिक कार्यभारित कर्मचारियों को अर्जित अवकाश की पात्रता, सहायक ग्रेड-3 पद पर पदोन्नति का अवसर, स्थायी कर्मियों को सातवें वेतनमान का लाभ एवं अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग की।
इसके अलावा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने और अंशकालीन कर्मचारियों को स्थायी कर्मी का दर्जा देने की मांग भी रखी गई। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका, कोटवार, आशा-उषा सहयोगिनी तथा मध्यान्ह भोजन एवं सांझा चूल्हा रसोइयों के मानदेय में वृद्धि कर न्यूनतम 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग भी संघ ने की। संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। प्रदर्शन में संघ के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।चाहें तो मैं इसका दमदार न्यूज़ हेडलाइन + 30 सेकंड की वीडियो स्क्रिप्ट भी बना सकता हूं।








