ग्राम खोहरी में आयोजित हुआ ‘शक्ति से सृजन’ कार्यक्रम, नारी शक्ति का हुआ सम्मान, पर्यावरण संरक्षण, वृक्ष पूजन, जल स्रोत पूजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश
कटनी। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, जिला कटनी के अंतर्गत ब्लॉक कटनी के सेक्टर क्रमांक-1 मझगवां फाटक में नवांकुर संस्था दिव्य जन कल्याण समिति, बोहता के तत्वावधान में जिला समन्वयक डॉ. तेज सिंह केसवाल के निर्देशानुसार तथा ब्लॉक समन्वयक बालमुकुंद मिश्र के मार्गदर्शन में बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को ग्राम खोहरी में ‘शक्ति से सृजन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण, प्रकृति एवं भारतीय संस्कृति का संरक्षण करना, महिलाओं की सहभागिता बढ़ाना तथा समाज में जनजागरूकता उत्पन्न करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम के चौराहे से दुर्गा पंडाल तक निकाली गई कलश यात्रा से हुआ। इसके पश्चात कटनी नगर तहसीलदार सुश्री अवंतिका तिवारी ने पौधारोपण किया। उन्होंने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और व्यापक स्तर पर पौधारोपण करने का संदेश दिया।
वृक्ष पूजन एवं जल स्रोत पूजन से दिया संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम में पटवारी मोनिका दुबे तथा ग्राम की प्रतिष्ठित महिलाओं ने वृक्ष पूजन एवं जल स्रोत पूजन किया। इस अवसर पर भारतीय संस्कृति में वृक्षों और जल के महत्व को रेखांकित करते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं जल स्रोतों की सुरक्षा का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत परामर्शदाता सुश्री रूपा बर्मन द्वारा ग्राम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को श्रीफल भेंट कर, तिलक-वंदन एवं माल्यार्पण के माध्यम से सम्मानित किया गया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं के योगदान को पहचान देना तथा अन्य महिलाओं को सामाजिक कार्यों के लिए प्रेरित करना रहा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
आयोजन के दौरान भजन संध्या, गरबा, एकल नृत्य एवं संकीर्तन सहित विभिन्न सांस्कृतिक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें ग्राम की महिलाओं, किशोरियों, रामायण मंडली, स्व-सहायता समूहों तथा स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति खोहरी के अध्यक्ष शशीकांत पटेल एवं सचिव अजीत पटेल (MSW द्वितीय वर्ष के छात्र) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन के माध्यम से ग्रामवासियों को पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण, जल संरक्षण और सांस्कृतिक परंपराओं को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, नवांकुर सखियों, ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों और स्थानीय समुदाय के सहयोग से लगाए गए पौधों की कम से कम तीन वर्षों तक देखभाल सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
महिला सहभागिता ने कार्यक्रम को बनाया विशेष
इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रुक्मणी पटेल, सहायिका सुलोचना बर्मन, आशा कार्यकर्ता ऊषा पटेल, पूर्व सरपंच राधा बाई ठाकुर, आशा बाई सोनी, चंद्रावती दहिया, भानवती सिंह ठाकुर, शकुन पटेल, मीरा पटेल, प्रेम बाई दहिया, नीरज पटेल सहित ग्राम की अन्य महिलाओं एवं नागरिकों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के अंत में नवांकुर संस्था के प्रभारी राजू यादव ने सभी अतिथियों, सहयोगियों एवं उपस्थित ग्रामवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने ‘शक्ति से सृजन’ कार्यक्रम के महत्व एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। यह आयोजन महिला सशक्तीकरण, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने की दिशा में सामूहिक सहभागिता का संदेश देने वाला रहा।