सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में रोड एक्सीडेंट के आंकड़ों की हुई समीक्षा, कलेक्टर, एसपी रहे मौजूद

कटनी। सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एवं SCCORS समिति के अध्यक्ष माननीय श्री अभय मनोहर सप्रे की अध्यक्षता में आज पुलिस कंट्रोल रूम कटनी में रोड सेफ्टी पर रिव्यू मीटिंग का आयोजन किया गया। इस दौरान पिछले 5 वर्षों के सड़क दुर्घटना में हुई मृत्यु के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कलेक्टर आशीष तिवारी एवं पुलिस अधीक्षक कटनी अभिनय विश्वकर्मा द्वारा माननीय पूर्व न्यायाधीश का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत करते हुए किया गया। कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया, एडीएम. प्रमोद कुमार चतुर्वेदी, नगर निगम डिप्टी कमिश्नर शैलेष गुप्ता, पीडब्लूडी अधिकारी श्रीमति शारदा सिंह, एनएचएआई. अधिकारी हेमंत सिंह, आरटीओ. संतोष पाल सहित पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, ट्रैफिक पुलिस स्टाफ तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
यह दिए निर्देश
रिव्यू मीटिंग में माननीय श्री सप्रे ने सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। पिछले पांच वर्षों के दौरान हुई सड़क दुर्घटना में घायल हुये व्यक्यिों एवं मृतकों की संख्याओं पर गहन विश्लेषण किया गया एवं सड़क दुर्घटनाओं में कमी कर कटनी जिले को “Zero Accidental Fatality District” प्रयास करने हेतु निर्देशित किया गया।
इस तरह करें प्रयास
निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि हेलमेट अनिवार्यता सभी शासकीय कार्यालयों, स्कूल एवं कॉलेजों में आने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य किया जाए। “NO HELMET, NO ATTENDENCE” की नीति अपनाने के सुझाव दिये जायें जिससे जागरूकता फैल सके। यह नीति शासकीय कार्यालयों में अपनायी जाये जिससे वे अन्य नागरिकों के लिये उदाहरण बन सकें एवं हेलमेट पहनने के लिये प्रेरित सकें। शिक्षण संस्थानों में जागरूकता स्कूलों एवं कॉलेजों में हेलमेट की महत्ता, सड़क पर सुरक्षा नियमों के पालन तथा यातायात अनुशासन के विषय में विशेष जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। स्कूलों में पालकों के साथ मीटिंग कर यातायात नियमों एवं हेलमेट की उपयोगिता के बारे में जागरूकता फैलाने हेतु निर्देशित किया गया। शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरूद्ध कार्यवाहीः जिले में व्यापक रूप से शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरूद्ध अभियान चलाने एवं सख्त कार्यवाही के निर्देश बैठक में दिये गये। सड़क मरम्मत और रखरखाव सड़कों पर पाए जाने वाले गड्ढों को शीघ्र भरने एवं मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु लोक निर्माण विभाग एवं नगर निगम अधिकारियों को निर्देशित किया गया। आरटीओ एवं पुलिस समन्वय आरटीओ विभाग को नियमित रूप से हेलमेट चेकिंग अभियान चलाने तथा जनता में सड़क सुरक्षा के प्रति चेतना फैलाने के लिए संवेदनशील एवं सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए गए। सामूहिक जिम्मेदारी पर बल माननीय न्यायाधीश ने कहा कि “सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह हर नागरिक का दायित्व है। समाज के सभी वर्गों को मिलकर इस दिशा में योगदान देना होगा। वाहन रैली जागरूकता यातायात नियमों एवं जागरूकता संदेश देने हेतु वाहन रैली का आयोजन किया जाये, जिससे प्रत्येक व्यक्ति को हेलमेट की अनिवार्यता एवं उपयोगिता की समझ प्राप्त हो।
माननीय श्री सपरे ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि “व्यक्ति का जीवन अनमोल है, और सड़क पर सुरक्षा सुनिश्चित करना हर व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। जागरूकता, अनुशासन और सही प्रयास ही जीवन रक्षा के सर्वोत्तम उपाय हैं।” उन्होंने बताया कि सुप्रीम
कोर्ट रोड सेफ्टी कमेटी पूरे देश में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए नीतिगत सुधार और जन-जागरूकता अभियानों पर लगातार कार्य कर रही है। अधिकारियों की सहभागिता एवं संकल्प कार्यशाला में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं प्रतिभागियों ने अपने-अपने विभागों के माध्यम से सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने एवं व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने कहा कि “कटनी पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर विभिन्न अभियान जैसे हेलमेट चेकिंग, यातायात जनजागरूकता कार्यक्रम, स्कूलों में ट्रैफिक शिक्षा आदि निरंतर जारी रहेंगे।
जिला कलेक्टर आशीष तिवारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि यह नागरिक कर्तव्य का भी प्रतीक है। प्रशासन सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सभी विभागों के साथ मिलकर समन्वित कार्य करेगा।

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Author: RashtraRakshak

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