प्रस्तावित नई कॉलोनी के लाइसेंस पर देवप्रभाकर नगर (दद्दा धाम) के रहवासियों ने जताई आपत्ति, एक्सेस रोड, सीवर लाइन और मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा उठाया, अधिकारियों से की शिकायत, जांच की मांग
कटनी। जिले के ग्राम कछगंवा स्थित देवप्रभाकर नगर (दद्दा धाम) के रहवासियों ने ए.एस. ग्रुप रियल इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित नई आवासीय कॉलोनी की लाइसेंस प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है। देवप्रभाकर नगर विकास एवं रखरखाव सहकारी समिति मर्यादित ने इस संबंध में कटनी कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कटनी को शिकायत पत्र सौंपकर प्रस्तावित कॉलोनी की लाइसेंस प्रक्रिया स्थगित करने और पूरे मामले की संयुक्त जांच कराने की मांग की है।
समिति के द्वारा 3 अगस्त 2026 को जारी पत्र में बताया गया कि ग्राम कछगंवा के खसरा नंबर 690, 694, 691/1, 691/2, 692/2, 693/1, 693/2 और 693/3 पर नई आवासीय कॉलोनी विकसित करने के लिए नक्शा स्वीकृति एवं लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया चल रही है। रहवासियों ने आरोप लगाया है कि प्रस्तावित कॉलोनी से संबंधित कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच आवश्यक है।
एकमात्र पहुंच मार्ग को लेकर विवाद
शिकायत में कहा गया है कि प्रस्तावित कॉलोनी तक पहुंचने का रास्ता देवप्रभाकर नगर (दद्दा धाम) के मुख्य मार्ग से होकर जाता है। समिति के अनुसार, मौजूदा मुख्य मार्ग की चौड़ाई लगभग 40 फीट है, जबकि नई कॉलोनी के लिए प्रस्तावित 20 फीट चौड़े मार्ग का उपयोग वर्तमान में देवप्रभाकर नगर के रहवासी भी करते हैं। रहवासियों ने आशंका जताई है कि नई कॉलोनी को अनुमति मिलने से मौजूदा सड़क और अन्य सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।
सीवर लाइन बंद करने का आरोप
समिति ने आरोप लगाया है कि कॉलोनी में निर्मित मूल सीवर एवं दूषित जल निकासी लाइन को बंद कर सड़क में शामिल कर लिया गया है। इससे बारिश के पानी और दूषित जल की निकासी प्रभावित होने की आशंका है। रहवासियों ने जलभराव, प्रदूषण और संक्रामक बीमारियों के खतरे का उल्लेख करते हुए बंद निकासी लाइन को दोबारा चालू कराने की मांग की है।
मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा
शिकायत पत्र में यह भी कहा गया है कि देवप्रभाकर नगर में सड़क, नाली, सीवर, स्ट्रीट लाइट और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर लंबे समय से समस्या बनी हुई है। समिति के अनुसार, रहवासियों ने स्वयं चंदा एकत्र कर सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट, पेयजल और दूषित जल निकासी की व्यवस्था की है तथा इन सुविधाओं के रखरखाव पर भी नियमित खर्च कर रहे हैं। रहवासियों का कहना है कि यदि नई कॉलोनी को मौजूदा मार्ग और सुविधाओं के उपयोग की अनुमति दी जाती है, तो वर्तमान संसाधनों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा और स्थानीय निवासियों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
कलेक्टर न्यायालय में मामला लंबित
समिति ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि मूलभूत सुविधाओं से संबंधित शिकायत पर कलेक्टर कटनी द्वारा संयुक्त जांच कराई गई थी। शिकायत के अनुसार, इस मामले में कृपा बिल्डकॉन के भागीदारों को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर से रिट याचिका क्रमांक WP 23948/2025 में स्थगन आदेश प्राप्त हुआ है। समिति का कहना है कि इसके चलते कलेक्टर न्यायालय में मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय के आगामी आदेश तक रुकी हुई है।
अनुमति प्रक्रिया की जांच की मांग
समिति ने प्रस्तावित कॉलोनी के लिए ग्राम पंचायत की वैधानिक अनुमति और अन्य आवश्यक स्वीकृतियों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही, यह भी अनुरोध किया है कि संबंधित विभागों के समक्ष लंबित न्यायालयीन प्रकरण, पहुंच मार्ग, सीवर व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति से जुड़े सभी तथ्यों का परीक्षण किया जाए।
प्रशासन से छह प्रमुख मांगें
देवप्रभाकर नगर विकास एवं रखरखाव सहकारी समिति ने प्रशासन से मांग की है कि प्रस्तावित कॉलोनी की लाइसेंस प्रक्रिया तत्काल स्थगित की जाए, जिला प्रशासन, नगर तथा ग्राम निवेश विभाग और ग्राम पंचायत की संयुक्त जांच कराई जाए तथा रहवासियों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए। इसके अलावा, बंद सीवर एवं दूषित जल निकासी लाइन को चालू कराने, ग्राम पंचायत की अनुमति और अन्य स्वीकृतियों की जांच करने तथा संबंधित विवादों का वैधानिक निराकरण सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि आवेदन में महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर अनुमति प्राप्त करने का प्रयास किया गया है, तो संबंधित पक्ष के विरुद्ध लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। समिति ने जनहित, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से उचित वैधानिक कार्रवाई करने की अपील की है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों और अनुमति प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति की पुष्टि संबंधित विभागों की जांच एवं आधिकारिक अभिलेखों से होना शेष है।