वन भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ विजयराघवगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 250 लोगों के दस्तावेज जुटाए, कब्जा न करने दी हिदायत, बड़े पैमाने पर हो रहा था कब्जा
कटनी। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत प्राप्त शिकायतों के आधार पर विजयराघवगढ़ पुलिस ने वन भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामलों में कार्रवाई शुरू की है। पुलिस ने ग्राम पिपरा, गुड़ेहा, कुसमा, बम्हौरी और कारीतलाई में वन भूमि का भौतिक निरीक्षण कर अतिक्रमण वाले स्थानों को चिन्हित किया।
पुलिस के अनुसार, ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि उक्त क्षेत्रों में कुछ बाहरी लोगों द्वारा वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण किया जा रहा है। शिकायत पर पुलिस टीम ने मौके का मुआयना किया और वहां मौजूद लोगों को पहचान संबंधी दस्तावेजों के साथ थाने में उपस्थित होकर सत्यापन कराने के लिए पाबंद किया। 22 सितंबर 2026 को करीब 250 महिला-पुरुष विजयराघवगढ़ थाना परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने अपने आधार कार्ड एवं मोबाइल नंबर सहित आवश्यक जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराई। पुलिस द्वारा इन दस्तावेजों और संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा रहा है।
कार्रवाई के दौरान राज्य वन विकास निगम के रेंज ऑफिसर सहित वन विभाग की टीम भी थाना परिसर में मौजूद रही। पुलिस और वन विभाग की ओर से लोगों को वन भूमि पर अतिक्रमण को अवैध बताते हुए भूमि खाली करने की हिदायत दी गई। पुलिस के मुताबिक, दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले लोगों में मैहर, सतना, रीवा, सीधी और शहडोल जिलों के लोग शामिल हैं। पुलिस द्वारा संबंधित लोगों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं तथा सत्यापन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं अनुविभागीय अधिकारी वीरेन्द्र धार्वे के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी विजयराघवगढ़ निरीक्षक अभिषेक चौबे के नेतृत्व में की गई।