सरपंच समुद्र सिंह की पहल, श्री हरि गोविंद गौशाला परिसर में 30 फलदार पौधों का हुआ रोपण, पर्यावरण संरक्षण के साथ गौसेवा का दिया संदेश, ग्रामीणों से पौधों की जिम्मेदारी लेने की अपील

कटनी। श्री हरि गोविंद गौ सेवा समिति के समीप ग्राम घंघरी कला, मंटोला में ग्राम पंचायत घंघरी कला के सरपंच श्री समुद्र सिंह जी की विशेष पहल पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आम एवं आंवला सहित करीब 30 फलदार एवं उपयोगी पौधों का रोपण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सरपंच समुद्र सिंह ने स्वयं पौधारोपण करते हुए उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना केवल एक दिन का कार्य नहीं है, बल्कि उसकी देखभाल और पालन-पोषण की जिम्मेदारी लेना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसे वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाए। आज लगाया गया एक पौधा भविष्य में अनेक लोगों को फल और राहगीरों व जीव-जंतुओं को छाया प्रदान करेगा।
गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलने का आह्वान
सरपंच समुद्र सिंह ने पर्यावरण संरक्षण के साथ गौसेवा को भी सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए उपस्थित गौसेवकों एवं ग्रामीणों से इस दिशा में मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गौ माता की सेवा और सुरक्षा आवश्यक है, उसी प्रकार लगाए गए पौधों की सेवा और सुरक्षा भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने गौशाला में आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में सहयोग का आश्वासन देते हुए गौसेवकों से विशेष आग्रह किया कि कोई भी गोवंश सड़क पर असुरक्षित स्थिति में न रहे। गोवंश को सुरक्षित रूप से गौशाला में रखने और उनकी उचित देखभाल सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर उन्होंने जोर दिया।
बड़ी संख्या में गौसेवक एवं ग्रामीण रहे मौजूद
वृक्षारोपण कार्यक्रम में प्रमुख गौ सेवक माधवेंद्र सिंह गौतम, राष्ट्र रक्षक प्रमुख सुजीत सिंह, आकाश श्रीवास्तव, अमित द्विवेदी, प्रांशु पांडे, नितिन तिवारी, अतुल सिंह, आदित्य सिंह, बच्चा भैया, अजय मसुरहा, संजू साहू ग्राम खड़ौल, आकाश खम्परिया, शशांक पांडे सहित अन्य साथी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सरपंच समुद्र सिंह की विशेष भूमिका रही। उनके द्वारा पौधरोपण, पौधों के संरक्षण एवं गौसेवा को लेकर दिए गए संदेश की उपस्थित लोगों ने सराहना की। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीणों में वृक्षों के प्रति जिम्मेदारी, गौवंश की सुरक्षा और सामाजिक सहभागिता की भावना को मजबूत करना रहा।

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Author: RashtraRakshak

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