नगर पालिक निगम कटनी परिषद का अहम निर्णय, जातिगत नामों से पहचानी जाने वाली बस्तियों का हुआ नामकरण, अब महान संतों के नाम से होंगी पहचान

कटनी। नगर पालिक निगम कटनी की निगम परिषद द्वारा समाज में समरसता, समानता एवं सामाजिक सद्भाव को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए जातिगत नामों से जानी एवं पहचानी जाने वाली बस्तियों का नामकरण भारत के महान संतों के नाम पर किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। निगम परिषद की बैठक15 अप्रैल 2026 में पारित प्रस्ताव के अनुसार वीर सावरकर वार्ड क्रमांक 12 की अनुसूचित वर्ग बस्ती का नाम “संत रविदास नगर” रामनिवास सिंह वार्ड की सफाई मित्रों की बस्ती का नाम “महर्षि वाल्मीकि नगर” तथा महात्मा गांधी वार्ड की हरिजन बस्ती का नाम “महर्षि सुदर्शन नगर” रखा गया है। निगम अध्यक्ष मनीष पाठक ने कहा कि यह निर्णय केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, सम्मान और समरसता का प्रतीक है। भारत के महान संतों ने अपने जीवन से समानता, मानवता और सेवा का संदेश दिया है। उनके नाम पर इन बस्तियों की पहचान होना प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व का विषय है तथा आने वाली पीढ़ियों को उनके आदर्शों से प्रेरणा मिलेगी।
श्री पाठक ने कहा कि नगर निगम कटनी सामाजिक सौहार्द, समान अवसर और सभी वर्गों के सम्मान के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। परिषद का यह निर्णय सामाजिक एकता को और अधिक मजबूत करेगा तथा समाज को जातिगत पहचान से ऊपर उठकर महापुरुषों के आदर्शों से जोड़ने का कार्य करेगा। नगर निगम द्वारा संबंधित बस्तियों में नवीन नामों की नामपट्टिकाएं स्थापित किए जाने एवं अभिलेखों में आवश्यक संशोधन की कार्यवाही भी प्रारंभ कर दी गई है।

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Author: RashtraRakshak

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