श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर शासकीय कन्या महाविद्यालय हुआ विशेष आयोजन, भक्ति भाव के साथ हुआ कार्यक्रम

कटनी। मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी में आज 16 अगस्त 2025 को श्री कृष्ण जन्मोत्सव के पावन अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात के मार्गदर्शन में उत्साह और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम ने आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक मूल्यों का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया गया, जिसने सभी उपस्थित लोगों के मन में गहरी छाप छोड़ी।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और भगवान श्री कृष्ण के समक्ष दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुआ। इस पवित्र शुरुआत ने समारोह में एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक माहौल का सृजन किया। इस अवसर पर श्रीमती बंदना मिश्रा ने भगवान श्री कृष्ण के जीवन, उनके आदर्शों और उनकी शिक्षा पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्री कृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेते हुए नैतिकता, प्रेम, और कर्तव्यनिष्ठा के महत्व को रेखांकित किया। उनके उद्बोधन ने उपस्थित छात्राओं और शिक्षकों को भगवान श्री कृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापकगण डॉ. साधना जैन, डॉ. विमला मिंज, डॉ. रश्मि चतुर्वेदी, डॉ. किरण खरादी, डॉ. अमिताभ पांडेय, डॉ. आर.के. गुप्ता, श्री के.जे. सिन्हा, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. रोशनी पांडेय, विनेश यादव, नागेंद्र यादव, पंकज सेन, डॉ. संजयकांत भारद्वाज, भीम बर्मन, प्रेमलाल कॉवरे, आंजनेय तिवारी, श्रीमती श्रद्वा वर्मा, श्रीमती मीनाक्षी वर्मा, डॉ. रीना मिश्रा, श्रीमती स्मृति दहायत, डॉ. अनिका वालिया, श्रीमती पूनम गर्ग, पूजा सिंह , डॉ. वंदना चौहान, डॉ. मैत्रयी शुक्‍ला, श्रीमती प्रियंका सोनी, और श्रीमती नम्रता निगम सहित अनेक शिक्षकगण और छात्राएं उपस्थित रहीं। सभी ने इस आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया और इसे यादगार बनाने में योगदान दिया।
छात्राओं ने भक्ति भाव से श्री कृष्‍ण जी की कथाओं और भजनों का प्रस्तुतीकरण किया, जिसने समारोह को और अधिक जीवंत और उत्साहपूर्ण बनाया। उनके भजनों और कथाओं ने उपस्थित लोगों के मन को भक्ति रस में डुबो दिया। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात ने अपने संबोधन में सभी को आयोजन की सफलता के लिए बधाई दी। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों को आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया, जो छात्राओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़े और उन्हें नैतिक मूल्यों की शिक्षा प्रदान करे।
यह आयोजन न केवल श्री कृष्ण जन्मोत्सव के प्रति श्रद्धा का प्रतीक बना, बल्कि महाविद्यालय की एकता, उत्साह और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति समर्पण को भी दर्शाया। यह कार्यक्रम सभी के लिए प्रेरणादायी और स्मरणीय रहा, जो भविष्य में भी महाविद्यालय की सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देगा।

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Author: RashtraRakshak

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