अंततः 12 दिनों बाद मिल गई एडवोकेट अर्चना तिवारी, सुबह मां से फोन पर की बात, ग्वालियर का आरक्षक संदेह के घेरे में

कटनी। अंततः 12 दिनों बाद एडवोकेट अर्चना तिवारी मिल गई। उसके लोकेशन का पता चल गया है। अर्चना के मुंह बोले भाई अंशु मिश्रा ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अर्चना ने आज 12 दिन बाद अपनी मां से फोन पर बात की है। बीते 12 दिनों से लगातार मध्य प्रदेश पुलिस और रेलवे पुलिस के द्वारा लापता हुई अर्चना तिवारी की खोजबीन की जा रही थी, लेकिन उसका पता कहीं नहीं चल सका था। आज अर्चना तिवारी ने अपनी मां से बात करके अपने किसी भी अनहोनी या किसी भी दुर्घटना की बात को दरकिनार करते हुए सकुशल होने की बात कही है।
अर्चना के मुंह बोले भाई अंशु मिश्रा ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि अर्चना की आज सुबह उसके परिजनों से बात हुई है। हालांकि इस बात की पुष्टि अभी हमारे पास नहीं है कि वह कहां या किस शहर में है। हालांकि अंदेशा जताया जा रहा है की चंबल के ग्वालियर के आसपास अर्चना तिवारी मौजूद है।
अंशु मिश्रा के अनुसार उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी है बताया यह भी जा रहा है कि पुलिस की टीम अर्चना तिवारी को लेने लोकेशन के लिए रवाना हो चुकी है। लगातार 12 दिनों से पूरे मध्य प्रदेश में सुर्खियों में रही अर्चना तिवारी 7 अगस्त को इंदौर से अपने घर कटनी के लिए नर्मदा एक्सप्रेस से निकली थी लेकिन वह अचानक रहस्यमय तरीके से लापता हो गई थी। तब से लेकर लगातार पुलिस और जीआरपी उसकी तलाश में जुटी रही।
इस मामले में ग्वालियर का जो कनेक्शन सामने सामने आया है उसके अनुसार अर्चना का ट्रेन टिकट ग्वालियर के भंवरपुरा थाने में तैनात एक पुलिस आरक्षक राम तोमर ने बुक कराया था, जो इंदौर से ग्वालियर तक का था। जीआरपी ने राम तोमर को हिरासत में लिया है पूछताछ की जा रही है। दरअसल अर्चना की लगातार जिस नम्बर पर बात होती थी वह आरक्षक का नंबर था। इस मामले में पुलिस ने अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस की थ्योरी आने के बाद ही पूरे मामले से पर्दा उठ सकेगा।

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Author: RashtraRakshak

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