छनाई–ग्रेडिंग के नाम पर किसानों से हो रही अतिरिक्त वसूली, धान तौलाई में भारी अव्यवस्था, 3 जनवरी तक समाधान नहीं हुआ तो होगा उग्र आंदोलन

कटनी। कटनी जिले के धान उपार्जन केंद्रों पर किसानों के साथ हो रहे गंभीर अन्याय को लेकर किसानों में भारी रोष व्याप्त है। धान खरीदी के दौरान छनाई एवं ग्रेडिंग के नाम पर किसानों से अतिरिक्त पैसा लिया जाना, पहले से ही महंगाई से त्रस्त किसानों पर दोहरी मार साबित हो रहा है।
जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष अमित शुक्ला ने कहा कि आज किसान खाद, बीज, कीटनाशक और डीज़ल की बेतहाशा बढ़ी कीमतों से पहले ही परेशान है। ऊपर से अब धान खरीदी के समय छन्ना और ग्रेडर लगाकर उसकी लागत और बढ़ाई जा रही है, जो पूरी तरह अनुचित और किसान विरोधी कदम है। अमित शुक्ला ने सवाल उठाते हुए कहा की जब पूर्व में किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा देना था, तब यही धान पूरी तरह साफ बताई गई थी। तब न कोई छनाई थी, न ग्रेडिंग की जरूरत थी और न ही कोई कमी निकाली गई। लेकिन आज जब किसानों से धान खरीदी की बारी आई है, तो अचानक धान खराब बताई जा रही है, छन्ना लगाया जा रहा है, ग्रेडर लगाया जा रहा है। आखिर किसानों के साथ ऐसा अन्याय क्यों?”
उन्होंने कहा कि छनाई और ग्रेडिंग के नाम पर किसानों से पैसा वसूलना उनकी मेहनत और पसीने का खुला अपमान है। यह व्यवस्था किसानों को आर्थिक रूप से कमजोर करने की साजिश प्रतीत होती है।
किसान नेता राकेश गुड्डू द्विवेदी ने भी इस मुद्दे पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि छनाई–ग्रेडिंग के नाम पर किसानों से पैसा वसूलना सरासर अन्याय है। किसान दिन-रात मेहनत करके फसल पैदा करता है, लेकिन उपार्जन केंद्रों पर उसे अपमान और शोषण का सामना करना पड़ रहा है। जब मुआवजा देना था तब धान बिल्कुल ठीक थी और आज खरीदी के समय धान को खराब बताकर कटौती की जा रही है। यह दोहरा मापदंड तुरंत बंद होना चाहिए।”
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शासन-प्रशासन ने किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया, तो किसान आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। इसके साथ ही उपार्जन केंद्रों पर धान तौलाई में अत्यधिक देरी, तौल कांटों एवं मशीनों की खराबी, बारदाने की कमी, कर्मचारियों की लापरवाही और अव्यवस्थित प्रबंधन के कारण किसान कई-कई दिनों तक केंद्रों पर भटकने को मजबूर हैं। कई किसानों को रात खुले आसमान के नीचे गुजारनी पड़ रही है, जिससे उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा बना हुआ है। देरी के कारण धान के खराब होने और नमी बढ़ने से किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अमित शुक्ला ने स्पष्ट शब्दों में कहा की किसान हमारे अन्नदाता हैं। उनके साथ जो अन्याय हो रहा है, उसे हम कभी सहन नहीं करेंगे। यह किसानों की कमर तोड़ने वाली व्यवस्था है।”
उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि जिला कटनी के सभी धान उपार्जन केंद्रों पर तौलाई व्यवस्था तत्काल सुचारु की जाए, छन्ना–ग्रेडर के नाम पर किसानों से की जा रही वसूली तत्काल बंद की जाए, पर्याप्त बारदाना एवं कर्मचारी उपलब्ध कराए जाएं, तौल मशीनों को दुरुस्त किया जाए और किसानों को समयबद्ध व पारदर्शी खरीदी की सुविधा दी जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि
यदि 1 से 2 दिनों के भीतर ठोस और स्पष्ट कार्रवाई नहीं की गई, तो किसानों के हित में उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष अमित शुक्ला सहित राकेश गुड्डू द्विवेदी, राजेश जाटव, जितेंद्र गुप्ता, नारायण निषाद, अजय कोल, संजय गुप्ता, रमेश अहिरवार, मुन्ना कुशवाहा, रमेश मिश्रा, मुकेश मिश्रा, अशोक मौर्या, वृंदावन पटेल, रोहित पटेल, राजेश तिवारी, रामकरण पटेल, सुग्रीव कोल, विनोद पटेल, दीपक कुशवाहा, संतोष पटेल, शंकर पटेल, विनोद पाल, रामकुमार पटेल, सुनील पटेल, जगदम्बा प्रसाद दुबे, घनश्याम श्रीवास, विनय पटेल, आशीष पटेल, जगजीत सिंह, वाल्मीकि पटेल सहित बड़ी संख्या में किसान एवं कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

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Author: RashtraRakshak

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