हर छत बने जल का स्रोत, रेन वाटर हार्वेस्टिंग अपनाने निगम प्रशासन का आह्वान, वर्षा जल संचय भविष्य की आवश्यकता

हर छत बने जल का स्रोत, रेन वाटर हार्वेस्टिंग अपनाने निगम प्रशासन का आह्वान, वर्षा जल संचय भविष्य की आवश्यकता

कटनी। वर्षा जल की प्रत्येक बूंद को भविष्य की अमूल्य धरोहर मानते हुए नगर पालिक निगम कटनी ने शासन के निर्देशानुसार शहरवासियों से अपने भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) प्रणाली स्थापित करने का आह्वान किया है। इसका उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण, भूजल स्तर में वृद्धि तथा आने वाले समय में संभावित जल संकट से प्रभावी ढंग से निपटना है।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी निर्देशों के तहत सभी शासकीय एवं अर्धशासकीय कार्यालयों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक इकाइयों, बहुमंजिला भवनों एवं आवासीय परिसरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग यूनिट स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया है। इसी क्रम में निगम प्रशासन द्वारा भी नागरिकों को जागरूक कर इस अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप देने के प्रयास किए जा रहे है।

महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी, निगमाध्यक्ष श्री मनीष पाठक एवं निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने संयुक्त रूप से शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि वर्षा जल का संरक्षण वर्तमान की आवश्यकता ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी भी है। प्रत्येक भवन में वर्षा जल संचयन व्यवस्था विकसित कर न केवल भूजल का पुनर्भरण किया जा सकता है, बल्कि पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने, जलभराव की समस्या कम करने तथा पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती प्रदान की जा सकती है।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली के माध्यम से भवनों की छतों पर गिरने वाले वर्षा जल को पाइपों एवं फिल्टर की सहायता से संग्रहित किया जाता है। आवश्यकतानुसार इस जल का उपयोग किया जा सकता है तथा अतिरिक्त जल को रिचार्ज पिट अथवा बोरवेल के माध्यम से भूजल पुनर्भरण के लिए जमीन में प्रवाहित किया जाता है। यह व्यवस्था जल संरक्षण के साथ-साथ प्राकृतिक जल स्रोतों को भी पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

नगर निगम ने नागरिकों, संस्थानों एवं भवन स्वामियों से अपील की है कि वे शासन के निर्देशों का पालन करते हुए अपने परिसरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करें तथा उसके नियमित रखरखाव को भी सुनिश्चित करें। साथ ही भवन निर्माण स्वीकृति प्रक्रिया में भी वर्षा जल संचयन व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।

नगर निगम ने शहरवासियों से आह्वान किया है कि “हर छत बने जल का स्रोत और हर भवन बने जल संरक्षण का केंद्र” की भावना को अपनाते हुए वर्षा जल संचयन को जनआंदोलन बनाएं तथा जल समृद्ध, पर्यावरण अनुकूल और सतत विकासशील कटनी के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।

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Author: RashtraRakshak

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