कटनी मार्बल को जीआई टैग दिलाने की कवायद तेज, एसोसिएशन गठन पर जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र में हुआ मंथन
कटनी। कटनी के प्रसिद्ध मार्बल को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग दिलाने की दिशा में प्रयास तेज हो गए हैं। इसी सिलसिले में सोमवार को जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, कटनी में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक ज्योति सिंह चौहान, जिला खनिज अधिकारी रत्नेश दीक्षित सहित जिले की विभिन्न मार्बल इकाइयों के संचालक उपस्थित रहे।
बैठक में जीआई टैग के लिए आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और मार्बल इकाई संचालकों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। जीआई आवेदन में सहआवेदक के रूप में शामिल होने के लिए मार्बल इकाइयों का संगठन “कटनी मार्बल एसोसिएशन” गठित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। प्रस्तावित एसोसिएशन को मध्यप्रदेश सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 के तहत पंजीकृत कराने की बात कही गई।
देशभर में पहचान रखता है कटनी का मार्बल
कटनी अपने उच्च गुणवत्ता वाले मार्बल के लिए देशभर में पहचान रखता है। अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों का मानना है कि जीआई टैग मिलने के बाद कटनी मार्बल को उसके मूल स्थान के नाम से विशिष्ट कानूनी पहचान और संरक्षण मिलेगा। जीआई टैग से दूसरे क्षेत्रों के उत्पादों को “कटनी मार्बल” के नाम पर बेचने पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही प्रमाणित पहचान के चलते उत्पाद की बाजार साख और मूल्य में वृद्धि, निर्यात के नए अवसर तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद है।
स्थानीय उद्योग और अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि जीआई टैग मिलने से कटनी के मार्बल खनन, कटाई, पॉलिशिंग और व्यापार से जुड़े उद्यमियों एवं श्रमिकों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है। इससे जिले की औद्योगिक ब्रांडिंग मजबूत होने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की संभावना है। अधिकारियों ने कहा कि कटनी मार्बल को जीआई टैग दिलाने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को सभी संबंधित पक्षों के समन्वय से आगे बढ़ाया जाएगा। बैठक में इस दिशा में आगे की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई।