दिल्ली हादसे ने छीन लिया कटनी का होनहार बेटा, अधूरा रह गया अफसर बनने का सपना, रक्षाबंधन पर आया था घर, अब लौटेगा शव
कटनी/नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को पांच मंजिला इमारत के अचानक भरभराकर गिरने से हुए दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। इस हादसे में जान गंवाने वालों में मध्यप्रदेश के कटनी निवासी होनहार छात्र अक्षत सिंह यादव भी शामिल थे। अक्षत की मौत की खबर जैसे ही कटनी पहुंची, दुबे कॉलोनी स्थित उनके घर में चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास हुए इस हादसे के बाद मलबे में लोगों के दबे होने की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। घंटों चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद कई जिंदगियां नहीं बचाई जा सकीं। हादसे में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इमारत में निर्माण और मरम्मत का काम भी चल रहा था।
पढ़ाई में मेधावी थे अक्षत
कटनी के दुबे कॉलोनी, तुलसी नगर निवासी अक्षत सिंह यादव दिल्ली विश्वविद्यालय के पीजीडीएवी कॉलेज में द्वितीय वर्ष के छात्र थे। पढ़ाई में मेधावी अक्षत अपने भविष्य को लेकर बेहद गंभीर थे। परिवार के मुताबिक उनका सपना यूपीएससी की तैयारी कर प्रशासनिक सेवा में जाने का था। अक्षत अक्सर अपने पिता से कहते थे कि एक दिन अफसर बनकर परिवार का नाम रोशन करेंगे। आंखों में बड़े सपने और दिल में परिवार के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा रखने वाला यह युवा अब कभी घर नहीं लौटेगा।
बेटे का शव देखते ही टूट गए माता-पिता
अक्षत के पिता रोजगार के सिलसिले में कोटा में रहते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। हादसे की खबर मिलते ही परिजन दिल्ली पहुंचे। एम्स ट्रॉमा सेंटर में जब परिवार ने अक्षत के शव की पहचान की तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस बेटे के भविष्य को लेकर परिवार ने हजारों सपने संजोए थे, उसी बेटे का निर्जीव शरीर सामने देखकर माता-पिता का कलेजा फट पड़ा। अक्षत की बहन भी इस असहनीय सदमे से टूट गई है।
एक हादसे ने छीन लिया पूरा भविष्य
अक्षत की मौत सिर्फ एक परिवार के बेटे की मौत नहीं, बल्कि उन तमाम सपनों का अंत है जिन्हें एक युवा अपनी मेहनत और हौसले से आकार दे रहा था। वह पढ़-लिखकर प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहता था, परिवार का नाम रोशन करना चाहता था और समाज के लिए कुछ करने का सपना देखता था। लेकिन दिल्ली की एक इमारत के मलबे ने उसकी जिंदगी के साथ उसके सारे सपनों को भी दफन कर दिया। कटनी में जैसे ही अक्षत की मौत की खबर फैली, शोक की लहर दौड़ गई। परिचितों, स्थानीय लोगों और शुभचिंतकों ने अक्षत के असमय निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। हर किसी की जुबां पर यही सवाल था—जिस बेटे को परिवार ने अफसर बनाने का सपना देखा था, वह इतनी कम उम्र में हमेशा के लिए क्यों चला गया?, अक्षत की यादें अब परिवार के पास हैं और एक ऐसा सपना, जो कभी पूरा होकर परिवार का नाम रोशन करने वाला था, अब हमेशा के लिए अधूरा रह गया।
अभी रक्षाबंधन पर आया था बेटा… अब DU छात्र अक्षत का शव लौटेगा घर
कटनी के तुलसी नगर में रहने वाले अक्षत की मौत की खबर मिलते ही उसके घर में मातम पसर गया है। स्वजन देर रात दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं और शव को कटनी लाने की प्रक्रिया में जुटे हैं। पड़ोसी और परिचित लगातार परिवार से बातचीत करते हुए उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस स्थित सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक इमारत हादसे ने कटनी के दुबे कॉलोनी निवासी 19 वर्षीय अक्षत यादव की मौत हो गई। अक्षत दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम की पढ़ाई कर रहा था और बेहतर भविष्य का सपना लेकर राजधानी दिल्ली पहुंचा था। लेकिन रविवार को 40 साल पुरानी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई और वह भी उसकी चपेट में आ गया।
हादसे के बाद राहत एवं बचाव दल ने घंटों चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अक्षत को मलबे से बाहर निकाला। गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।