बिना अनुमति कालोनी विकसित करने को लेकर निगमायुक्त की जीरो टॉलरेंस नीति, नगर की दो अवैध कालोनियों में निर्मित की गई अवैध संरचनाओं पर चला निगम का बुलडोजर

कटनी। नगर में अवैध कॉलोनी विकसित कर शासन के नियमों को ताक पर रखने वालों के खिलाफ निगमायुक्त तपस्या परिहार के निर्देश पर निगम प्रशासन द्वारा कार्यवाही का सिलसिला निरंतर जारी है। इसी कड़ी में निगम प्रशासन द्वारा अवैध प्लाटिंग एवं अनधिकृत निर्माण के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए मंगलवार को नगर के दो स्थलों बिरसा मुंण्डा वार्ड स्थित कुठला एव रफी अहमद किदवई वार्ड में निगम के संयुक्त अमले ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए मौके पर अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनी की रोड़ बाउन्ड्रीवाल आदि संरचनाओं को जेसीबी मशीन से ध्वस्त करनें की कार्यवाही की गई।
कार्यवाही के दौरान कार्यपालन यंत्री अंशुमान सिंह, क्षेत्रीय उपयंत्री पवन श्रीवास्तव, जे.पी.सिंह बघेल अतिक्रमण प्रभारी मानेन्द्र सिंह सहित अतिक्रमण अमले एवं अन्य कर्मचारियों की मौजूदगी रही।
ध्वस्त की गई संरचना
कालोनी सेल प्रभारी एवं कार्यपालन यंत्री अंशुमान सिंह ने बताया कि नगर के कुठला स्थित बिरसा मुंण्डा वार्ड के खसरा क्रमांक 295/1 पर प्रदीप कुमार शर्मा द्वारा 1 हेक्टेयर भूमि पर तथा रफी अहमद किदवई वार्ड के खसरा क्रमांक 557/3 पर शुभम माली द्वारा 0.786 हेक्टेयर भूमि पर बिना किसी वैध अनुमति एवं निगम की स्वीकृति के कॉलोनी विकसित करने के उद्देश्य से अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। पूर्व में शिकायत प्राप्त होने पर संबंधितों को निर्माण कार्य न करने संबंधी नोटिस जारी किया गया था। चेतावनी की अवहेलना कर कार्य जारी रखने पर मंगलवार को पहुंचे निगम अमले ने मौके पर निर्मित हो रहीं सभी अवैध संरचनाओं को जेसीबी के माध्यम से हटाकर भूमि को यथास्थिति में लाने की कार्रवाई की गई। 
निगम प्रशासन का स्पष्ट संदेश
निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नगर में अवैध कॉलोनाइजरों के विरुद्ध यह कार्रवाई आगे भी इसी सख्ती से जारी रहेगी। नियम विरुद्ध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। निगम प्रशासन ने अवैध कालोनाइजरों को चेतावनी दी है कि शासकीय भूमि एवं बिना अनुमति वाली निजी भूमि पर प्लाटिंग करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। 
नागरिकों के लिए सतर्कता का संदेश
निगम प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित कॉलोनी की वैधता, लेआउट स्वीकृति एवं निगम से प्राप्त अनुमति की जांच अवश्य कर लें। अवैध कॉलोनी में प्लॉट खरीदने पर भविष्य में न केवल निर्माण पर रोक लगेगी, बल्कि आपका निवेश भी डूब सकता है। ऐसे प्रकरणों में निगम द्वारा कोई राहत प्रदान नहीं की जाएगी। नगर को व्यवस्थित एवं नियोजित रूप से विकसित करने के लिए निगम प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

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Author: RashtraRakshak

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