सहारा प्राइम सिटी को उपभोक्ता आयोग का बड़ा झटका, 6.5 लाख रुपये तक भुगतान का आदेश, सहारा सिटी होम में बुक किया था बंगला
कटनी। उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, कटनी ने सहारा प्राइम सिटी लिमिटेड के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कंपनी को सेवा में कमी एवं अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी ठहराया है। आयोग के अध्यक्ष श्री सनत कुमार कश्यप एवं सदस्य श्रीमती रेखा पाण्डेय की पीठ ने प्रकरण क्रमांक सी.सी. 135/2019 में परिवादी ध्रुव माहेश्वरी (निवासी सिविल लाइन, कटनी) के पक्ष में निर्णय पारित किया।
प्रकरण के अनुसार, ध्रुव माहेश्वरी ने वर्ष 2012 में कटनी स्थित “सहारा सिटी होम” योजना में इंडिपेंडेंट बंगला (ड्यूप्लेक्स) की बुकिंग के लिए 2,37,500 की अग्रिम राशि जमा की थी। अनुबंध के अनुसार 23 माह के भीतर मकान का निर्माण कर कब्जा सौंपा जाना था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। स्थल पर केवल झाड़ियां और पेड़-पौधे पाए गए। आयोग ने अपने आदेश में सहारा प्राइम सिटी लिमिटेड को परिवादी की जमा राशि 2,37,500 लौटाने तथा जमा तिथि से भुगतान तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, आदेश की प्रति प्राप्त होने के 45 दिनों के भीतर भुगतान नहीं करने पर कंपनी को जमा तिथि से 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा, जिससे देय राशि लगभग 6.5 लाख रुपये तक पहुंच जाएगी। इसके अतिरिक्त आयोग ने मानसिक पीड़ा एवं वाद व्यय के रूप में ₹3,000 अलग से अदा करने का भी आदेश दिया है।
इस मामले में परिवादी ध्रुव माहेश्वरी की ओर से अधिवक्ता मौसूफ बिट्टू एवं अधिवक्ता सत्येंद्र शुक्ला ने प्रभावी पैरवी की। अधिवक्ताओं द्वारा प्रस्तुत तथ्यों एवं साक्ष्यों से संतुष्ट होकर आयोग ने परिवादी के पक्ष में यह महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया। इस फैसले को उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक अहम निर्णय माना जा रहा है।