राजस्व प्रकरणों के निराकरण में कटनी प्रदेश में टॉप 10 में, नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और अभिलेख दुरुस्ती में बेहतर प्रदर्शन, कलेक्टर आशीष तिवारी की सतत मॉनीटरिंग से मिली सफलता

कटनी। राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और आम नागरिकों को समय-सीमा में राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कटनी जिले ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निरंतर मार्गदर्शन, नियमित समीक्षा और राजस्व अधिकारियों की प्रभावी मॉनीटरिंग से जिले ने नामांतरण, सीमांकन एवं बंटवारा के निराकरण में प्रदेश के 55 जिलों में टॉप-10 में स्थान बनाया है। वहीं अभिलेख दुरुस्ती के प्रकरणों के निराकरण में भी कटनी ने प्रदेश एवं संभाग स्तर पर बेहतर रैंकिंग दर्ज की है।
नामांतरण में कटनी ने प्रदेश में हासिल की 7वीं रैंक
नामांतरण प्रकरणों के निराकरण में कटनी जिले का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। जिले में 16 हजार 724 प्रकरण पंजीकृत हुए, जिनमें से 14 हजार 269 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। जिले की निराकरण दर 85.32 प्रतिशत रही। इस उपलब्धि के साथ कटनी ने प्रदेश में 7वां और संभाग में प्रथम स्थान हासिल किया है।
सीमांकन में 99.89 प्रतिशत निराकरण, प्रदेश में 7वां स्थान
सीमांकन प्रकरणों के निराकरण में जिले ने लगभग शत-प्रतिशत सफलता दर्ज की है। कुल 8 हजार 401 प्रकरणों में से 8 हजार 392 का निराकरण किया गया। जिले की निराकरण दर 99.89 प्रतिशत रही। इसके परिणामस्वरूप कटनी को प्रदेश में 7वां और संभाग में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है।
बंटवारा में भी प्रदेश की टॉप-10 रैंकिंग
बंटवारा प्रकरणों के निराकरण में भी जिले ने अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराई है। कुल 1 हजार 589 पंजीकृत प्रकरणों में से 1 हजार 250 प्रकरणों का निराकरण किया गया। निराकरण की दर 78.67 प्रतिशत रही। इस उपलब्धि के साथ कटनी ने प्रदेश में 7वां और संभाग में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
अभिलेख दुरुस्ती में बेहतर
अभिलेख दुरुस्ती के क्षेत्र में भी जिले ने निरंतर प्रगति की है। कुल 2 हजार 99 पंजीकृत प्रकरणों में से 1 हजार 513 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। जिले की निराकरण दर 72.08 प्रतिशत रही। इस मामले में कटनी ने प्रदेश में 14वां और संभाग में चौथा स्थान हासिल किया है।
लंबित प्रकरणों पर निगरानी,समय-सीमा में निराकरण पर जोर
कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा राजस्व प्रकरणों के निराकरण की नियमित समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित प्रकरणों की लगातार निगरानी और प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने राजस्व सेवाओं में अनावश्यक विलंब को दूर करने तथा आम नागरिकों को उनकी भूमि संबंधी सेवाएं निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया है। कलेक्टर के निर्देशों के अनुरूप राजस्व अमले द्वारा प्रकरणवार समीक्षा और सतत मॉनीटरिंग की जा रही है। इसी का परिणाम है कि नामांतरण, सीमांकन और बंटवारा जैसे महत्वपूर्ण राजस्व कार्यों में कटनी प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल हुआ है।

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Author: RashtraRakshak

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