माधवनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3000 नशीली नाइट्राजेपाम गोलियां जब्त, 3 गिरफ्तार
कटनी। जिले में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत माधवनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 3000 नशीली नाइट्राजेपाम गोलियां जब्त की हैं। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार बताया जा रहा है। जब्त गोलियों की कीमत करीब 13,500 रुपये बताई गई है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल भी जब्त की है।
पुलिस के अनुसार, 19-20 सितंबर की दरमियानी रात माधवनगर थाना पुलिस क्षेत्र में गश्त और निगरानी कर रही थी। इसी दौरान सुरम्य पार्क के आगे अमकुही पहाड़ी इंडस्ट्रियल एरिया रोड पर काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल क्रमांक MP 21 ZK 0921 पर सवार दो संदिग्ध पुलिस को दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने भागने का प्रयास किया, जिसके बाद टीम ने उन्हें रोककर पूछताछ की। मोटरसाइकिल चालक ने अपना नाम सचिन बर्मन (22), निवासी हिरवारा, थाना एनकेजे, कटनी और पीछे बैठे व्यक्ति ने रितिक केवट (21), निवासी बिरहनी फाटक, थाना कोतवाली, कटनी बताया।
थैले में मिलीं 3000 गोलियां
पुलिस ने मोटरसाइकिल पर रखे थैले के बारे में पूछताछ की, लेकिन दोनों कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। तलाशी लेने पर थैले से NITRAZEPAM TABLETS I.P. NITZASCEN-10 लिखे 10 पैकेट बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक प्रत्येक पैकेट में 6 पत्ते, प्रत्येक पत्ते में 5 स्ट्रिप और प्रत्येक स्ट्रिप में 10 गोलियां थीं। इस तरह कुल 3000 गोलियां बरामद हुईं। पूछताछ में पुलिस के अनुसार सचिन बर्मन ने गोलियां रोहित रावलानी निवासी बंगला लाइन से मिलने की बात बताई। आरोपियों के पास नशीली दवाओं से संबंधित कोई वैध दस्तावेज भी नहीं मिला।
तीन गिरफ्तार, एक आरोपी फरार
पुलिस ने मामले में रोहित नानकानी को भी गिरफ्तार किया है, जबकि रोहित रावलानी निवासी माधवनगर फरार बताया गया है। उसकी तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 8/21, 22 एनडीपीएस एक्ट तथा धारा 5/13 मध्यप्रदेश ड्रग कंट्रोल अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जब्त मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने विधिवत जब्त किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर पुलिस रिमांड (पीआर) लेने की कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह यादव के नेतृत्व में सउनि वहाब खान, प्रधान आरक्षक कमलेश बैरागी, श्रीकांत सेन, पवन सिंह, विनोद विश्वकर्मा तथा आरक्षक लोकेन्द्र सिंह और संजय सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।