अमृत सरोवर ने बदली बरमानी की तस्वीर, 20 एकड़ भूमि में सिंचाई की राह हुई आसान, मनरेगा से 21.73 लाख रुपये की लागत से हुआ सरोवर निर्माण
कटनी। कटनी जिले के जनपद पंचायत बड़वारा की ग्राम पंचायत बरमानी अंतर्गत ग्राम जजागढ़ में व्हीबी-जीरामजी योजना से निर्मित अमृत सरोवर जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। ग्राम सभा के निर्णय एवं विधिवत प्रक्रिया के बाद शासकीय भूमि पर स्वीकृत इस अमृत सरोवर का निर्माण 21.73 लाख रुपये की लागत से पूर्ण किया गया। कार्य से 3,725 मानव दिवस का सृजन हुआ, जिससे स्थानीय श्रमिकों को रोजगार भी उपलब्ध हुआ।
बरमानी क्षेत्र में जल स्रोतों की कमी और वर्षा जल के सीमित ठहराव को देखते हुए अमृत सरोवर की आवश्यकता महसूस की गई थी। जल संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से निर्मित इस सरोवर से अब प्रारंभिक वर्षा में ही लगभग 12 हजार घनमीटर पानी का भराव हुआ है। इससे क्षेत्र में भू-जल संरक्षण के साथ जैव विविधता को बढ़ावा मिलने की संभावना भी मजबूत हुई है। अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी श्री अजीत सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत बरमानी का बड़ा हिस्सा वीरान एवं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है। पूर्व में जल संरक्षण के कार्य किए गए थे, लेकिन उनमें जल भराव और ठहराव की अवधि कम रहती थी। वर्तमान में मनरेगा के सीपीआरआई सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्थल चयन के बाद निर्मित अमृत सरोवर की उपयोगिता प्रभावी रूप से सामने आई है। अमृत सरोवर के निर्माण से बरमानी गांव की लगभग 20 एकड़ भूमि में सिंचाई की संभावनाएं विकसित हुई हैं। साथ ही ग्रामीणों द्वारा सरोवर का उपयोग मछली पालन और सिंघाड़ा उत्पादन के लिए भी किया जा रहा है। इससे जल संरक्षण के साथ ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त आजीविका के अवसर भी सृजित हुए हैं।
ग्राम पंचायत की दृढ़ इच्छाशक्ति, अधिकारियों के परिणाममूलक प्रयास और मनरेगा श्रमिकों की निरंतर मेहनत से निर्मित यह अमृत सरोवर ग्रामीण विकास में जल संरक्षण से आजीविका संवर्धन तक के समन्वित प्रयास की सफल मिसाल बनकर सामने आया है।