रीठी स्वास्थ्य केंद्र में अटैचमेंट का खेल कब तक? पदस्थ कहीं और, ड्यूटी रीठी में

कटनी। जिले के रीठी तहसील मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर सवालों के घेरे में है। लंबे समय से यह चर्चा क्षेत्र में बनी हुई है कि जिन स्वास्थ्य कर्मियों की मूल पदस्थापना अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में है, वे रीठी में अटैचमेंट के आधार पर कार्य क्यों कर रहे हैं? और यदि यह व्यवस्था अस्थायी थी, तो अब तक इसे समाप्त क्यों नहीं किया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अटैचमेंट की इस व्यवस्था ने कई ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों और उप स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारियों की कमी पैदा कर दी है। वहीं दूसरी ओर रीठी स्वास्थ्य केंद्र में ऐसे कर्मचारियों की मौजूदगी लगातार सवाल खड़े कर रही है, जिनकी मूल नियुक्ति कहीं और बताई जाती है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि संबंधित कर्मचारियों की वास्तविक पदस्थापना रीठी स्वास्थ्य केंद्र में ही है, तो फिर जिले के वरिष्ठ अधिकारियों, सीएमएचओ या अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी अपने-अपने मूल पदस्थ स्थानों पर उपस्थिति दर्ज कराने क्यों पहुंच जाते हैं। क्या यह केवल संयोग है या फिर व्यवस्था के भीतर कुछ ऐसा है जिसे छिपाने की कोशिश की जा रही है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि सब कुछ नियमों के अनुरूप है तो विभाग को सार्वजनिक रूप से पूरी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि भ्रम और चर्चाओं पर विराम लग सके।
नवागत बीएमओ से बढ़ी थीं उम्मीदें
जब नवागत बीएमओ ने रीठी स्वास्थ्य केंद्र की कमान संभाली थी, तब उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, अनुशासन और पारदर्शिता लाने के बड़े दावे किए थे। अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और अनियमितताओं पर कार्रवाई की बातें भी कही गई थीं। लेकिन समय बीतने के बावजूद अटैचमेंट व्यवस्था को लेकर कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई है। ऐसे में लोगों के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या प्रशासन की नजर इस व्यवस्था पर नहीं गई है या फिर मामला कुछ और है।
सवाल उठाने वालों पर ही कार्रवाई?
क्षेत्र में यह चर्चा भी सुनाई दे रही है कि अस्पताल की कथित अव्यवस्थाओं और अटैचमेंट प्रणाली पर सवाल उठाने वालों को जवाब देने के बजाय, सच सामने लाने वाली मीडिया और जागरूक नागरिकों पर ही निशाना साधा जा रहा है। यदि ऐसा है तो यह चिंताजनक स्थिति है, क्योंकि लोकतंत्र में मीडिया और जनता को सवाल पूछने का अधिकार है तथा प्रशासन का दायित्व उन सवालों का जवाब देना होता है। रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अटैचमेंट व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल अब केवल चर्चाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग में बदल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए ताकि जनता के मन में उठ रहे संदेह दूर हो सकें।

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Author: RashtraRakshak

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