डॉ. प्रसंग बजाज पर चिकित्सा लापरवाही का आरोप खारिज, जिला उपभोक्ता आयोग ने दिया बड़ा फैसला
कटनी। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग, कटनी ने स्पर्श हॉस्पिटल के संचालक एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रसंग बजाज के विरुद्ध दायर चिकित्सा लापरवाही (मेडिकल नेग्लिजेंस) का परिवाद निराधार मानते हुए खारिज कर दिया है। आयोग के अध्यक्ष श्री सनत कुमार कश्यप एवं सदस्य श्रीमती रेखा पाण्डेय की पीठ ने यह निर्णय प्रकरण क्रमांक सी.सी. 82/2021 में सुनाया।
परिवादी रमेश कुमार साहू ने आरोप लगाया था कि जुलाई 2019 में पथरी का ऑपरेशन होने के बावजूद उनकी पथरी पूरी तरह नहीं निकाली गई। इस आधार पर उन्होंने इलाज व्यय एवं मानसिक तथा शारीरिक क्षतिपूर्ति सहित 2,97,198 की मांग की थी।
डॉ. प्रसंग बजाज की ओर से अधिवक्ता मौसूफ बिट्टू एवं सत्येंद्र शुक्ला ने आयोग के समक्ष चिकित्सीय अभिलेख एवं साक्ष्य प्रस्तुत कर बताया कि मरीज की यूरेटर में मौजूद पथरी का यूरेटरोस्कोपी (URS) द्वारा सफल ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद की सोनोग्राफी में यूरेटर में कोई पथरी नहीं पाई गई। बाद में किडनी के निचले हिस्से में मिली पथरी एक नई पथरी (Fresh Stone Formation) थी, जिसका पूर्व ऑपरेशन से कोई संबंध नहीं था। बचाव पक्ष ने सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए यह भी तर्क रखा कि उपचार के बाद यदि मरीज में नई पथरी बनती है या अन्य नई चिकित्सीय समस्या उत्पन्न होती है, तो मात्र इसी आधार पर चिकित्सक को लापरवाह नहीं ठहराया जा सकता।
दोनों पक्षों के तर्कों एवं मेडिकल रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने माना कि डॉ. प्रसंग बजाज द्वारा उपचार एवं ऑपरेशन में किसी प्रकार की चिकित्सीय लापरवाही या सेवा में कमी सिद्ध नहीं हुई। इसके आधार पर आयोग ने परिवादी का दावा पूर्णतः निरस्त कर दिया। इस मामले में डॉ. प्रसंग बजाज की ओर से अधिवक्ता मौसूफ बिट्टू एवं सत्येंद्र शुक्ला ने सफलतापूर्वक पैरवी की।