कटनी में आस्था और पर्यावरण संरक्षण का संगम, चाक-चौबंद व्यवस्थाओं के बीच श्रद्धालु कर रहे प्रतिमाओं का विसर्जन, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का दिया जा रहा संदेश
कटनी। नवरात्रि पर्व के समापन के साथ ही सोमवार सुबह से नगर में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ अनवरत जारी है। नगर निगम द्वारा निर्धारित कृत्रिम विसर्जन कुंडों में श्रद्धालु धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए माता की प्रतिमाओं का विसर्जन कर रहे हैं। इस दौरान आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का संदेश भी दिया जा रहा है।
सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम
विसर्जन पर्व को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए नगर निगम द्वारा चिन्हित विसर्जन घाटों पर व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, कृत्रिम विसर्जन कुंडों में स्वच्छ जल और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वहीं, बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए हाइड्रा एवं जेसीबी वाहनों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा आवारा मवेशियों के नियंत्रण के लिए हांका गैंग की तैनाती, घाटों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी तथा अन्य आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। विसर्जन स्थलों पर नियुक्त टीमें लगातार व्यवस्थाओं पर नजर रख रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
कृत्रिम कुंडों में विसर्जन कर पर्यावरण संरक्षण की अपील
नगर निगम ने दुर्गा समितियों के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन केवल निर्धारित कृत्रिम विसर्जन कुंडों में ही करें। साथ ही पूजा सामग्री, प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को जलस्रोतों में न डालें तथा विसर्जन स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें। नगर में जारी विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सहभागिता से धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी प्रसारित हो रहा है। कृत्रिम विसर्जन कुंडों का उपयोग जलस्रोतों को स्वच्छ रखने और पर्यावरण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी निभाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।