राष्ट्र रक्षा विश्व कल्याण दिवस के रूप में मनाया जाता है संत त्यागीजी का जन्म दिवस, शरद पूर्णिमा पर 46 वे जन्म दिवस पर 46 राष्ट्र भक्तो का होगा सेवा रत्न सम्मान

कटनी। कर्मयोगी प्रकृति पुत्र त्यागीजी का 46 वें जन्मदिवस पर आगामी 17 अक्टूबर शरद पूर्णिमा के दिन विलायत कला धाम में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले 46 प्रतिभावान लोगों का सम्मान भी किया जाएगा।
त्यागीजी आश्रम विश्व सेवा समिति परिवार द्वारा मानव मैं देवत्व जगाने धरती पर स्वर्ग सजाने मानवता के साथ सत्य प्रेम सद्भाव समर्पण को समृद्ध करने संस्कृति समृद्ध हो जड़ चेतन सबमें ईश्वर के दर्शन करे मानव बिना भेद भाव के समरस समाज की एकता अखंडता बनाए रखने त्यागीजी विश्व परिवार द्वारा भोजन शिक्षा संस्कार रोजगार के साथ गावो से हो रहे पलायन पर भी कार्य हो रहा है। 
देश के विभिन्न क्षेत्रों में समर्पण भाव से कार्य कर रहे 46 सेवा रत्नों का सम्मान जिसने जीव सेवा, धर्म सेवा, चिकित्सा सेवा, प्रकृति सेवा, देशभक्ति जागरण, गीत, संगीत, साहित्य , निष्पक्ष खबर हेतु सेवा रत्नों का सम्मान अंतरराष्ट्रीय क्रान्तिकारी राष्ट्रभक्त तपोनिष्ठ संत शिरोमणि कर्मयोगी प्रकृति पुत्र त्यागीजी महाराज के कर कमलों से 17 अक्टूबर बाल्मिकी जयंती शरद पूर्णिमा पर किया जाएगा। 
पिछले 5 वर्ष में त्यागी जी महराज द्वारा 5 लाख से अधिक लोगो की प्रसाद सेवा, 20 हजार पेन, कापी, बैग वितरण, 2 हजार छाता मच्छरदानी टॉर्च चप्पल, 5 हजार टिफिन बोतल वितरण, वृक्षारोपण क्षेत्रीय नदियों की सफाई, महानदी मैया में कुंभ की शुरूआत, निशुल्क नेत्र सफल 100 ऑपरेशन, 100 से अधिक लोगो से नेत्रदान संकल्प, राष्ट्र हित मैं काम कर रहे 1000 सम्मान, 5000 से अधिक लोग नशा मुक्त किए, 10 हजार लोग दहेज नही लेने संकल्प, 100 बेटियो के विवाह मै सहयोग, 50 लोगो को सिलाई मशीन हेतु सहयोग, ऐसे लगभग सैकड़ो कार्य जो पिछले 5 वर्षो मैं किए जा चुके है आगे भी इससे अधिक होंगे।
राष्ट्र रक्षा विश्व कल्याण दिवस के रूप में मनाया जाता है संत त्यागीजी का जन्म दिवस, शरद पूर्णिमा पर 46 वे जन्म दिवस पर 46 राष्ट्र भक्तो का होगा सेवा रत्न सम्मान
कटनी। कर्मयोगी प्रकृति पुत्र त्यागीजी का 46 वें जन्मदिवस पर आगामी 17 अक्टूबर शरद पूर्णिमा के दिन विलायत कला धाम में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले 46 प्रतिभावान लोगों का सम्मान भी किया जाएगा।
त्यागीजी आश्रम विश्व सेवा समिति परिवार द्वारा मानव मैं देवत्व जगाने धरती पर स्वर्ग सजाने मानवता के साथ सत्य प्रेम सद्भाव समर्पण को समृद्ध करने संस्कृति समृद्ध हो जड़ चेतन सबमें ईश्वर के दर्शन करे मानव बिना भेद भाव के समरस समाज की एकता अखंडता बनाए रखने त्यागीजी विश्व परिवार द्वारा भोजन शिक्षा संस्कार रोजगार के साथ गावो से हो रहे पलायन पर भी कार्य हो रहा है।
देश के विभिन्न क्षेत्रों में समर्पण भाव से कार्य कर रहे 46 सेवा रत्नों का सम्मान जिसने जीव सेवा, धर्म सेवा, चिकित्सा सेवा, प्रकृति सेवा, देशभक्ति जागरण, गीत, संगीत, साहित्य , निष्पक्ष खबर हेतु सेवा रत्नों का सम्मान अंतरराष्ट्रीय क्रान्तिकारी राष्ट्रभक्त तपोनिष्ठ संत शिरोमणि कर्मयोगी प्रकृति पुत्र त्यागीजी महाराज के कर कमलों से 17 अक्टूबर बाल्मिकी जयंती शरद पूर्णिमा पर किया जाएगा।
पिछले 5 वर्ष में त्यागी जी महराज द्वारा 5 लाख से अधिक लोगो की प्रसाद सेवा, 20 हजार पेन, कापी, बैग वितरण, 2 हजार छाता मच्छरदानी टॉर्च चप्पल, 5 हजार टिफिन बोतल वितरण, वृक्षारोपण क्षेत्रीय नदियों की सफाई, महानदी मैया में कुंभ की शुरूआत, निशुल्क नेत्र सफल 100 ऑपरेशन, 100 से अधिक लोगो से नेत्रदान संकल्प, राष्ट्र हित मैं काम कर रहे 1000 सम्मान, 5000 से अधिक लोग नशा मुक्त किए, 10 हजार लोग दहेज नही लेने संकल्प, 100 बेटियो के विवाह मै सहयोग, 50 लोगो को सिलाई मशीन हेतु सहयोग, ऐसे लगभग सैकड़ो कार्य जो पिछले 5 वर्षो मैं किए जा चुके है आगे भी इससे अधिक होंगे।