तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद को लेकर कटनी में भी दिखा आक्रोश, सकल हिन्दू समाज ने सौंपा ज्ञापन, शहर मे निकली ज्ञापन यात्र

 

 

 

 

कटनी। सकल हिन्दू समाज कटनी द्वारा आज शहर मे ज्ञापन यात्रा निकाली गयी। जिसमे शहर क़े हिन्दू समाज ने लोग बड़ी संख्या मे शामिल होकर कचहरी चौक पहुंचे और वहां पर ज्ञापन दिया। ज्ञापन देते हुए कहा की भारत के आंध्रप्रदेश के तिरुजना स्थित तिरुपति तिरुमला देवस्थानम् में जो कि हिन्दू धर्म के अह भूवैकुंठ में एक है एवं श्री संप्रदाय के 108 दिव्य देशों में से एक है। यहां का बोर्ड प्रबंधन (जो कि शासनाधीन है।

पिछले कुछ वर्षों से अभक्ष्य बाय पदाथी से निर्मित नैवेद्य (महाप्रसादम् लड्डू) वहां विराजित भगवान श्री बैंकटेश भगवान को निवेदित कर रहे थे। यह जानकारी समाचार माध्यमों से प्रसारित होने से हिन्दू समुदाय सनातन धर्मियों के लिए अत्यंत ही चिंता का विषय है। साथ ही भगवान के दिव्यदेश की दिव्यता को दूषित करने का चिंतनीय विषय है। यह समस्त हिन्दू धर्मावलंबियों की आस्था पर कुठाराघात है। साथ ही इस दुष्कृत्य से हिन्दू धर्मावलंबियों को धर्मभष्ट करने का कुत्सित कार्य किया गया है जो कि अत्यंत ही घृणित एवं अक्षम्य अपराध है। अतः समस्त हिन्दू धर्मावलंबी समाज कटनी की और से निवेदन है कि इस घृणित कार्य में लिप्त प्रबंधन कर्मियों एवं अभक्ष्य बाथ पदार्य सप्लायर के ऊपर कठोर कार्यवाही करते हुए उन्हें कठोर से कठोरतम सजा दिलायी जाये। ताकि कोई भी विधर्मी अथवा धर्मी इस तरह का कुत्सित प्रयास ना करें, साथ ही शासनाधीन संचालित हिन्दू देवस्थानों (मंदिर, मठ आदि) में अनिवार्य रूप से सनातन पाँ (हिन्दू) कर्मचारी एवं प्रबंधन रखे जाने की कानूनन संवैधानिक व्यवस्था वर्तमान कानूनों में सुधार करते हुए अविलंब की जाये एवं शासनाधीन संचालित हिन्दू मंदिरों के संचालन हेतु स्वतंत्र सनातन धर्म रक्षण बोर्ड स्थापित किया जावे जो कि प्रशासनिक नियंत्रण से मुक्त रहे।

तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद को लेकर कटनी में भी दिखा आक्रोश, सकल हिन्दू समाज ने सौंपा ज्ञापन, शहर मे निकली ज्ञापन यात्र

 

कटनी। सकल हिन्दू समाज कटनी द्वारा आज शहर मे ज्ञापन यात्रा निकाली गयी। जिसमे शहर क़े हिन्दू समाज ने लोग बड़ी संख्या मे शामिल होकर कचहरी चौक पहुंचे और वहां पर ज्ञापन दिया। ज्ञापन देते हुए कहा की भारत के आंध्रप्रदेश के तिरुजना स्थित तिरुपति तिरुमला देवस्थानम् में जो कि हिन्दू धर्म के अह भूवैकुंठ में एक है एवं श्री संप्रदाय के 108 दिव्य देशों में से एक है। यहां का बोर्ड प्रबंधन (जो कि शासनाधीन है। पिछले कुछ वर्षों से अभक्ष्य बाय पदाथी से निर्मित नैवेद्य (महाप्रसादम् लड्डू) वहां विराजित भगवान श्री बैंकटेश भगवान को निवेदित कर रहे थे। यह जानकारी समाचार माध्यमों से प्रसारित होने से हिन्दू समुदाय सनातन धर्मियों के लिए अत्यंत ही चिंता का विषय है। साथ ही भगवान के दिव्यदेश की दिव्यता को दूषित करने का चिंतनीय विषय है। यह समस्त हिन्दू धर्मावलंबियों की आस्था पर कुठाराघात है। साथ ही इस दुष्कृत्य से हिन्दू धर्मावलंबियों को धर्मभष्ट करने का कुत्सित कार्य किया गया है जो कि अत्यंत ही घृणित एवं अक्षम्य अपराध है। अतः समस्त हिन्दू धर्मावलंबी समाज कटनी की और से निवेदन है कि इस घृणित कार्य में लिप्त प्रबंधन कर्मियों एवं अभक्ष्य बाथ पदार्य सप्लायर के ऊपर कठोर कार्यवाही करते हुए उन्हें कठोर से कठोरतम सजा दिलायी जाये। ताकि कोई भी विधर्मी अथवा धर्मी इस तरह का कुत्सित प्रयास ना करें, साथ ही शासनाधीन संचालित हिन्दू देवस्थानों (मंदिर, मठ आदि) में अनिवार्य रूप से सनातन पाँ (हिन्दू) कर्मचारी एवं प्रबंधन रखे जाने की कानूनन संवैधानिक व्यवस्था वर्तमान कानूनों में सुधार करते हुए अविलंब की जाये एवं शासनाधीन संचालित हिन्दू मंदिरों के संचालन हेतु स्वतंत्र सनातन धर्म रक्षण बोर्ड स्थापित किया जावे जो कि प्रशासनिक नियंत्रण से मुक्त रहे।

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Author: RashtraRakshak