250 वर्ष से अधिक पुराना है झंडा बाजार का सिंदूरी गणेश मंदिर, ये है कटनी का प्रथम गणेश मंदिर, ठाकुर गणेश सिंह चौहान ने करवाई थी स्थापना, हाल ही में कराया गया जीर्णोद्धार
कटनी। शहर के झंडा बाजार स्थित सिंदूरी गणेश मंदिर आस्था और प्राचीन परंपराओं का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। स्थानीय जानकारी के अनुसार यह मंदिर 250 वर्ष से भी अधिक पुराना है और इसे कटनी का प्रथम गणेश मंदिर बताया जाता है। बताया जाता है कि मंदिर की स्थापना गर्ग चौराहा निवासी चौहान परिवार के पूर्वज ठाकुर गणेश सिंह चौहान द्वारा करवाई गई थी। पीढ़ियों से यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। मंदिर में विराजमान सिंदूरी स्वरूप के भगवान गणेश के प्रति श्रद्धालुओं की विशेष आस्था है।
चौहान परिवार ने कराया जीर्णोद्धार
समय के साथ मंदिर के भवन को नया स्वरूप देने के लिए हाल ही में चौहान परिवार द्वारा मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया है। जीर्णोद्धार के बाद मंदिर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और बेहतर स्वरूप मिला है।
मनोकामना पूर्ण होने की मान्यता
मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यता है कि यहां सच्चे मन से भगवान गणेश से मांगी गई मनोकामना खाली नहीं जाती। इसी विश्वास के चलते स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी भक्त दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
25 सितंबर को विशाल भंडारा और महाआरती
मंदिर से जारी आयोजन संबंधी जानकारी के अनुसार 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से मंगल भवन, घंटाघर रोड, कटनी में रखा गया है। इसके साथ ही झंडा बाजार स्थित गणेश मंदिर में प्रत्येक दिन शाम 8 बजे महाआरती का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं से धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने की अपील की गई है।