कलेक्टर श्री तिवारी के निर्देश पर चूना पत्थर खदानों में पहुंचा खनिज अमला, कम उत्पादन और राजस्व में कमी की हुई जमीनी पड़ताल

कटनी। जिले में खनिज संसाधनों के समुचित दोहन के साथ शासकीय राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर खनिज विभाग ने खदानों के भौतिक सत्यापन की कार्रवाई तेज कर दी है। खनिज विभाग के अमले ने ग्राम पूंछी, बिसरा, सलैया एवं कैमूर क्षेत्र में संचालित चूना पत्थर की लगभग आधा दर्जन खदानों का औचक निरीक्षण कर उत्पादन, प्रेषण, रॉयल्टी तथा पर्यावरणीय दायित्वों की मौके पर जांच की।
कलेक्टर श्री तिवारी ने खनिज विभाग की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि स्वीकृत क्षमता की तुलना में कम उत्पादन एवं कम प्रेषण करने वाली खदानों की वास्तविक स्थिति मौके पर जाकर जांची जाए, ताकि शासकीय राजस्व प्रभावित होने के कारणों का पता लगाया जा सके और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इसी क्रम में खनिज विभाग की टीम ने रंजन ग्रोवर, सुमित ग्रोवर, कर्मचंद एसोसिएट्स एवं एन.एम. दुबास सहित अन्य खदानों का स्थल निरीक्षण किया। टीम ने खदानों की वर्तमान स्थिति, उत्पादन एवं खनिज प्रेषण से संबंधित जानकारी का मौके पर परीक्षण किया।
खदानों में जलभराव
निरीक्षण के दौरान बारिश के कारण खदानों में जलभराव पाया गया। खदान संचालकों से कम उत्पादन के कारणों की जानकारी लेने के साथ खनिज विभाग द्वारा खदान संचालन की वास्तविक स्थिति का भी परीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने खदान संचालकों को अनुमोदित माइनिंग प्लान के अनुरूप निर्धारित क्षमता के अनुसार उत्पादन एवं खनिज प्रेषण बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही रॉयल्टी की राशि समय-सीमा में जमा करने तथा शासन के राजस्व हितों का पूरा ध्यान रखने की हिदायत दी गई।
खदानों के आसपास विकसित होगा सघन हरित क्षेत्र
कलेक्टर के निर्देशों के तहत खनन क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। मानसून अवधि का लाभ उठाते हुए खदान परिसरों एवं उनके आसपास सघन वृक्षारोपण कर हरित क्षेत्र विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। पूर्व में पट्टेदारों द्वारा विकसित ग्रीन बेल्ट का भी मौके पर सत्यापन किया गया, जो संतोषजनक पाया गया।
कम राजस्व वाली खदानों का लगातार होगा सत्यापन
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि कम राजस्व देने वाली खदानों की जांच का यह अभियान केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। जिले की अन्य तहसीलों में संचालित खदानों का भी लगातार भौतिक सत्यापन कर उत्पादन, प्रेषण और राजस्व की वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य खनिज संसाधनों के नियमानुसार उपयोग के साथ शासकीय राजस्व की प्राप्ति सुनिश्चित करना, खनन गतिविधियों में पारदर्शिता बनाए रखना तथा पर्यावरणीय दायित्वों के प्रभावी पालन को सुनिश्चित करना है। निरीक्षण के दौरान उपसंचालक खनिज रत्नेश दीक्षित, सहायक खनिज अधिकारी कमलकांत परस्ते सहित खनिज विभाग का अमला उपस्थित रहा।

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Author: RashtraRakshak

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