करेला में 33.50 करोड़ की लागत से मिली सांदीपनी विद्यालय की सौगात, विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने किया लोकार्पण
कटनी। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक ने जिले के विजयराघवगढ़ क्षेत्र के ग्राम करेला में करीब 33.50 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का लोकार्पण किया। इस दौरान कलेक्टर आशीष तिवारी, पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर एवं वनमंडल अधिकारी गर्वित गंगवार सहित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
समारोह में विजयराघवगढ़ जनपद अध्यक्ष सुधा कोल, बड़वारा जनपद अध्यक्ष सुधा जायसवाल करेला सरपंच अमर सिंह, खितौली विधायक प्रतिनिधि काशी प्रसाद गुप्ता, डीईओ सच्चिदानंद पांडे, डीपीसी प्रेमनारायण तिवारी और सहायक संचालक शिक्षा राजेश अग्रहरि सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, वरिष्ठ नागरिक, शिक्षक, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सरस्वती वंदना से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
किताबी ज्ञान के साथ खेल, संगीत और संस्कारों पर भी दें समान महत्व : विधायक श्री पाठक
मुख्य अतिथि विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का परिश्रम ही उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव है। उन्होंने विद्यार्थियों से पूरी लगन और अनुशासन के साथ अध्ययन करने का आह्वान किया तथा कहा कि सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें खेलकूद, संगीत, सांस्कृतिक गतिविधियों, नैतिक मूल्यों और व्यक्तित्व विकास के लिए भी प्रेरित करें, ताकि वे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकें।
शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा कटनी जिला : कलेक्टर श्री तिवारी
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में कलेक्टर आशीष तिवारी ने कहा कि लगभग 33 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह सांदीपनि विद्यालय जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का नया मानक स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार और बेहतर व्यवस्थाओं पर कार्य कर रहा है। इसका सकारात्मक परिणाम यह है कि अब अभिभावक स्वयं फोन कर अपने बच्चों का प्रवेश सांदीपनि विद्यालय में कराने का आग्रह कर रहे हैं। इसके अलावा कलेक्टर ने शिक्षकों से कहा कि वे पूरी निष्ठा, समर्पण और जिम्मेदारी के साथ विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि बच्चों में अनुशासन, संस्कार, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और बेहतर नागरिक बनने की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि वे पूरी मेहनत, ईमानदारी और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे तो जीवन में कोई भी लक्ष्य उनके लिए असंभव नहीं रहेगा। इसके पूर्व वैदिक मंत्रो की ऋचाओं की अनुगूंजके बीच विधिवत पूजा-अर्चना की गयी।








