निविदा शर्तों की अनदेखी ठेकेदार को पड़ी भारी, विद्युत ठेकेदार की निविदा निरस्त, दो वर्ष के लिए किया गया प्रतिबंधित, निगमायुक्त तपस्या परिहार का सख्त रुख

निविदा शर्तों की अनदेखी ठेकेदार को पड़ी भारी, विद्युत ठेकेदार की निविदा निरस्त, दो वर्ष के लिए किया गया प्रतिबंधित, निगमायुक्त तपस्या परिहार का सख्त रुख

कटनी। नगर पालिक निगम कटनी ने विकास कार्यों में लापरवाही और निविदा शर्तों का पालन नहीं करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध निगमायुक्त तपस्या परिहार के निर्देश पर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित ठेकेदार की अमानत राशि जब्त करते हुए ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई की गई है।
कार्यपालन यंत्री सुधीर मिश्रा द्वारा जारी आदेश के अनुसार निगम प्रशासन ने झिंझरी चौराहा से बिलहरी रोड तक सड़क के दोनों ओर ऑक्टागोनल पोल स्थापित कर प्रकाश व्यवस्था के कार्य हेतु चयनित ठेकेदार अजय विश्वकर्मा की स्वीकृत निविदा निरस्त करते हुए उन्हें आगामी दो वर्षों के लिए नगर निगम की निविदाओं में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया है।
नगर निगम द्वारा जारी आदेश के अनुसार संबंधित ठेकेदार को कार्य स्वीकृति के उपरांत निर्धारित अवधि में परफॉर्मेंस गारंटी एवं अतिरिक्त परफॉर्मेंस गारंटी जमा कर अनुबंध निष्पादित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं की गईं। निगम द्वारा इस संबंध में कई बार सूचना एवं अंतिम नोटिस जारी कर सात दिवस के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने का अवसर भी प्रदान किया गया, लेकिन इसके बाद भी ठेकेदार द्वारा अनुबंध निष्पादित नहीं किया गया।
निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण मूलभूत सुविधा से जुड़े सड़क प्रकाश व्यवस्था के कार्य प्रभावित हो रहे थे, जिससे आम नागरिकों को असुविधा होने की संभावना थी। इसे गंभीरता से लेते हुए मध्यप्रदेश शासन के प्रचलित नियमों के तहत स्वीकृत निविदा तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई तथा ठेकेदार की जमा अमानत राशि 37 हजार 386 रुपए जब्त करते हुए आगामी दो वर्षों तक नगर निगम कटनी की किसी भी निविदा प्रक्रिया में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया।
निगमायुक्त तपस्या परिहार ने स्पष्ट किया है कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनुबंधीय शर्तों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनहित से जुड़े कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराना निगम प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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Author: RashtraRakshak

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