3 वर्षीय अबोध बालिका से दरिंदगी करने वाले सोनू पटेल को 20 साल का सश्रम कारावास, पास्को कोर्ट ने सुनाई कड़ी सजा

कटनी। कटनी जिले के कैमोर थाना क्षेत्र में वर्ष 2022 में 3 वर्ष की अबोध मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म करने वाले पाशविक मानसिकता के आरोपी को माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) ने 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया है। इस जघन्य व सनसनीखेज मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्री आशुतोष द्विवेदी ने सशक्त पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा जा सका।
अलग-अलग धाराओं में मिली सजा
मीडिया सेल प्रभारी सुरेंद्र कुमार गर्ग ने बताया कि दिनांक 27.05.2026 को विशेष सत्र प्रकरण क्रमांक 71/2022 (अपराध क्र. 335/2022) में सुनवाई करते हुए माननीय विशेष न्यायालय ने आरोपी शिवकुमार पटेल उर्फ सोनू उर्फ भक्का (उम्र 39 वर्ष, निवासी लाल बहादुर शास्त्री वार्ड, थाना कुठला, कटनी) को दोषी पाया। कोर्ट ने उसे धारा 376 एबी भादवि, 5 (एम)/6 पॉक्सो एक्ट एवं 3(2)(v) एससी-एसटी एक्ट में 20-20 वर्ष का सश्रम कारावास और 100-100 रुपये का अर्थदंड। धारा 363, 366 और 449 में 5-5 वर्ष का सश्रम कारावास और 100-100 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
आधी रात को घर से उठा ले गया था आरोपी
घटना 10 सितंबर 2022 की रात की है। कैमोर थाना क्षेत्र में पीड़ित मासूम की मां अपने बच्चों को लेकर घर के अंदर सो रही थी। रात करीब 2 बजे जब उसकी आंख खुली, तो साढ़े तीन साल की बच्ची गायब थी। परिजनों ने आसपास और एसीसी अमेहटा फैक्ट्री गेट के पास ढूंढना शुरू किया, लेकिन बच्ची नहीं मिली। डायल 100 को सूचना देने के बाद पड़ोस में रहने वाले अमर कोल ने फोन कर बताया कि बच्ची घर के पास खड़ी रो रही है।
मासूम की आपबीती सुन कांप उठी रूह
परिजन जब बच्ची के पास पहुंचे तो वह बुरी तरह रो रही थी। जब मां ने उसे शौच कराने की कोशिश की तो वह दर्द से चिल्ला उठी। जांच करने पर पता चला कि मासूम लहूलुहान थी। पूछने पर अबोध बच्ची ने बताया कि एक आदमी उसे उठाकर ले गया था और उसने उसके साथ गलत काम किया।
परिजनों ने रात में ही घर के आसपास संदेही सोनू पटेल को घूमते देखा था। जब उसे पकड़कर लाया गया तो मासूम ने तुरंत उसकी पहचान कर ली। इसके बाद आरोपी सोनू मौका देखकर वहां से भाग निकला। परिजन गंभीर हालत में बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंचे और कैमोर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
वैज्ञानिक और पुख्ता साक्ष्यों ने दिलाई सजा
कैमोर पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए देहाती नालसी के आधार पर विभिन्न गंभीर धाराओं और पॉक्सो व एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। विवेचना पूरी होने के बाद चालान न्यायालय में पेश किया गया।
विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक आशुतोष द्विवेदी ने माननीय न्यायालय के समक्ष सभी महत्वपूर्ण चश्मदीद गवाह, दस्तावेजी साक्ष्य और वैज्ञानिक व मेडिकल साक्ष्य प्रस्तुत किए। न्यायालय ने अभियोजन के तर्कों और पुख्ता सबूतों से सहमत होते हुए आरोपी को इस घिनौने कृत्य के लिए कड़ी सजा से दंडित किया।

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Author: RashtraRakshak

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