अवैध कब्जा नहीं हटाने पर अतिक्रमणकारी को 15 दिन की जेल, एसडीएम न्यायालय का सख्त आदेश, नोटिस के बाद भी नहीं हटाया कब्जा, जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट की जमीन का मामला

कटनी। न्यायालय के आदेश के बावजूद अवैध कब्जा नहीं हटाने वाले अतिक्रमणकारी के खिलाफ अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कटनी के न्यायालय ने सख्त कार्रवाई करते हुए उसे 15 दिन की सिविल जेल भेजने का आदेश दिया है। आदेश के बाद अतिक्रमणकारी को न्यायालय से ही पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कटनी प्रमोद चतुर्वेदी ने तहसीलदार कटनी नगर के प्रस्ताव पर सुनवाई करते हुए रोशन विश्वकर्मा पिता नंदलाल विश्वकर्मा निवासी चांडक चौक, कटनी को 15 दिवस के लिए सिविल कारावास में भेजने का आदेश पारित किया।

मंदिर ट्रस्ट की भूमि पर किया था अवैध कब्जा

प्रकरण में जगदीश स्वामी (जगन्नाथ स्वामी) मंदिर ट्रस्ट कमेटी कटनी के अध्यक्ष प्रमोद सरावगी निवासी दुबे कॉलोनी द्वारा तहसीलदार न्यायालय में म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 250 के तहत कब्जा दिलाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था। सुनवाई के बाद तहसीलदार न्यायालय ने राजस्व प्रकरण क्रमांक 0019/अ-70/2023-24 में 21 मार्च 2024 को आदेश पारित कर ग्राम मुड़वारा स्थित भूमि खसरा नंबर 409, रकवा 0.081 हेक्टेयर के एक हिस्से पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने का निर्देश दिया था। अतिक्रमणकारी द्वारा उक्त भूमि पर टीन शेड और कमरा बनाकर अवैध कब्जा कर लिया गया था।

सभी अपीलें हुईं खारिज

तहसीलदार के आदेश के खिलाफ अतिक्रमणकारी द्वारा दायर अपील को 22 अप्रैल 2024 को एसडीएम न्यायालय कटनी ने निरस्त कर दिया। इसके बाद अपर आयुक्त जबलपुर संभाग ने भी 21 अगस्त 2024 को अपील खारिज कर दी।

उच्च न्यायालय ने भी पालन कराने के दिए निर्देश

मामले में दायर याचिका क्रमांक 7556/2025 में उच्च न्यायालय जबलपुर ने 11 मार्च 2025 को आदेश दिया कि यदि पूर्व आदेश पर कोई रोक नहीं है तो 90 दिनों के भीतर उसका पालन सुनिश्चित किया जाए।

कार्रवाई के दौरान दी आग लगाने की धमकी

उच्च न्यायालय के आदेश के बाद तहसीलदार कटनी नगर द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार नोटिस जारी किए गए। राजस्व निरीक्षक द्वारा कार्रवाई के दौरान आरोपी ने पेट्रोल से भरी बोतल दिखाकर स्वयं को आग लगाने की धमकी देकर शासकीय कार्यवाही में बाधा उत्पन्न की।

नोटिस के बाद भी नहीं हुआ पेश

एसडीएम न्यायालय द्वारा आरोपी के विरुद्ध जमानती वारंट जारी कर सूचना पत्र थाना कोतवाली के माध्यम से 11 फरवरी 2026 को विधिवत तामील कराया गया, लेकिन इसके बावजूद वह न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ।

एकपक्षीय सुनवाई के बाद आदेश

न्यायालय ने म.प्र. भू-राजस्व संहिता की धारा 35(2) के तहत एकपक्षीय सुनवाई करते हुए पाया कि आरोपी ने न तो अवैध कब्जा हटाया और न ही कोई संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत किया। इसके बाद धारा 250(8) के तहत रोशन विश्वकर्मा को 15 दिन की सिविल जेल भेजने का आदेश पारित किया गया और उसे पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

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Author: RashtraRakshak

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