शहीद प्रदीप पटेल को श्रृद्धांजलि देने उमड़ी ग्रामीणों की भीड़, एक वर्ष पूर्व सेना के जवान को मिली थी शहादत, पिता ने कहा मेरे बेटे ने बढ़ाया गौरव

कटनी। विजयराघवगढ़ के समीपी ग्राम हरदुआ कला निवासी सेना के जवान प्रदीप पटेल को एक वर्ष पूर्व शहादत मिली थी। रविवार को उनकी शहादत को एक वर्ष पूर्ण होने पर ग्रामीणों द्वारा श्रृद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। भारत माता के जयकारों के साथ शहीद प्रदीप पटेल अमर रहे का उद्घोष करते हुए परिजनों सहित समस्त ग्राम वासियों द्वारा भावपूर्ण श्रृद्धांजलि दी गई।
इकलौता सहारा थे प्रदीप
हरदुआ कला निवासी सुरेन्द्र गोस्वामी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदीप पटेल अपने माता पिता का इकलौता सहारा था, जो सेना का जवान था। देश की सेवा के दौरान ही प्रदीप पटेल शहीद हो गए थे। भारत माता के चरणों में शहादत दे कर प्रदीप पटेल ने न सिर्फ अपने माता पिता, गांव, समाज बल्कि पूरे जिले को गौरवान्वित किया।
बेटे ने निभाया भारत माता के प्रति फर्ज
शहीद प्रदीप पटेल को पूरे गांव के लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। शहीद के पिता ने कहा कि मेरे पुत्र की शहादत पर मुझे और मेरे परिवार को गर्व है। अपने माता पिता की सेवा का कर्तव्य तो सभी निभाते हैं लेकिन मेरे बेटे ने भारत माता की सेवा करते हुए अपने कर्तव्य को निभाया है जो हम सबके लिए गौरव की बात है।
शहादत भुला शासन, कोरी रह गईं घोषणाएं
ग्रामीणों ने शासन प्रशासन की उदासीनता पर भी सवाल किए। ग्रामीणों का कहना था कि जब शहीद प्रदीप का शव तिरंगे में लिपट कर गांव पहुंचा था तो शहीद प्रदीप पटेल हरदुआ कला के नाम पर शासकीय माध्यमिक शाला का नामकरण करने, गांव में शहीद की प्रतिमा स्मारक बनाने की घोषणा, खेल मैदान निर्माण कराने की घोषणा की गई थी लेकिन इन किसी भी घोषणा पर अमल नहीं किया गया। यह भी बताया गया कि पूरे जिले में सबसे ज्यादा सेना के जवान इस छोटे से ग्राम के हैं। श्रृद्धांजलि के दौरान भारत माता की जय, वंदे मातरम से हरदुआ कला गुंजायमान हो गया।

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Author: RashtraRakshak

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