मध्य प्रदेश कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने सतना कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, न्यायिक एवं गैर न्यायिक विभाजन का जताया विरोध

सतना। राजस्व अधिकारियों के न्यायिक और गैर-न्यायिक दो वर्गों में विभाजन का विरोध करते हुए मध्य प्रदेश कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के नेतृत्व में कटनी जिले के तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों ने आज मुख्य सचिव म.प्र. शासन के नाम ज्ञापन कलेक्टर कटनी को सौंपा।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे अधिकारियों ने कहा कि प्रांतीय कार्यकारिणी ने इस विभाजन-योजना से उत्पन्न होने वाली संरचनात्मक, विधिक और व्यावहारिक समस्याओं पूर्व में अवगत कराया था। उस दौरान मौखिक आश्वासन दिया गया था की आगामी तीन माह तक यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मात्र 12 जिलों में ही लागू की जाएगी, राजस्व न्यायालयों को मर्ज नहीं किया जाएगा एवं गैर-न्यायिक (कार्यपालिक मजिस्ट्रेट) को आवश्यक संसाधन प्रदान किए जाएंगे। उक्त आश्वासन के विपरीत विभाजन की यह योजना अन्य 09 जिलों (धार, भिंड, खरगौन, बालाघाट, मंदसौर, देवास, कटनी, मंडला, रीवा) में कलेक्टर द्वारा लागू की गई। विरोध स्वरूप आगामी 6 अगस्त 2025 बुधवार से सभी अधिकारी जिला मुख्यालयों में उपस्थित रहकर आपदा प्रबंधन के कार्यों को छोड़कर समस्त कार्यों से विरत रहेगा। सभी अधिकारी अपने शासकीय वाहन जिलों में जमा करा देंगे एवं अपने डिजिटल सिग्नेचर के डोंगल सीलबंद कर एकत्र कर जिला अध्यक्ष को सौंपेंगे। साथ ही जिलों के आधिकारिक WHATSAPP ग्रुप छोड़ेंगे। प्रतिदिन शाम 6 बजे जिले की स्थापना शाखा में संयुक्त उपस्थिति पत्रक पर हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा की संवर्ग की भावनाओं का ध्यान रखते हुए इस विभाजनकारी योजना को तथा राजस्व अधिकारियों को राजस्व के मूल कार्यों से पृथक करने के आदेशों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान मध्य प्रदेश कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी डॉ शैलेंद्र शर्मा, संघ के जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्रा, सौरभ द्विवेदी, सुजीत नागेश, प्रज्ञा द्विवेदी, ज्योति पटेल, राजेश सिंह, मणिराज सिंह बागरी, वीरेंद्र सिंह आदि की उपस्थित रही।

RashtraRakshak
Author: RashtraRakshak

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *