????मदद के लिए तैयार????
जब कटनी नदी पुल के नीचे फंस गई दिव्यांग वृद्ध की मोपेड, शहर कोतवाल एवं उप निरीक्षक ने धक्का देकर मोपेड को वृद्ध सहित चढ़ाया घाट के ऊपर, काफी देर से फंसे वृद्ध ने जताया पुलिस का आभार, देखें वीडियो

कटनी। कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहन घाट कटनी नदी में सुबह पाए गए शव के मामले में घटनास्थल का निरीक्षण करने कोतवाली थाना प्रभारी आशीष शर्मा, बस स्टैंड चौकी प्रभारी अंकित मिश्रा, उप निरीक्षक अरुणपाल सिंह एवं अन्य टीम गई हुई थी। टीम जब घटनास्थल का निरीक्षण करके वापस लौटने लगी तो मोहन घाट कटनी नदी में बनाए गए अस्थाई डैम के बीचो-बीच एक दिव्यांग वृद्ध अपनी मोपेड के साथ निकलने का प्रयास करते हुए जूझता दिखाई दिया।
दिव्यांग वृद्ध को इस तरह नदी में बने अस्थाई डैम पर फंसा देखकर शहर कोतवाल आशीष शर्मा, उप निरीक्षक अरुण पाल सिंह एवं बस स्टैंड चौकी प्रभारी अंकित मिश्रा ने वृद्ध को मोपेड पर बैठा कर धक्का लगाते हुए घाट के ऊपर तक चढ़ाया। घाट के ऊपर पहुंचकर दिव्यांग वृद्ध ने पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शायद आप लोग अगर नहीं आते तो मैं कैसे निकलता मुझे खुद नहीं पता। पुलिस टीम ने वृद्ध की पीड़ा समझ कर जिस तरह उसे सुरक्षित बाहर निकाला वह पुलिस की मानवता को उजागर करता है।
????मदद के लिए तैयार????
जब कटनी नदी पुल के नीचे फंस गई दिव्यांग वृद्ध की मोपेड, शहर कोतवाल एवं उप निरीक्षक ने धक्का देकर मोपेड को वृद्ध सहित चढ़ाया घाट के ऊपर, काफी देर से फंसे वृद्ध ने जताया पुलिस का आभार, देखें वीडियो
कटनी। कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहन घाट कटनी नदी में सुबह पाए गए शव के मामले में घटनास्थल का निरीक्षण करने कोतवाली थाना प्रभारी आशीष शर्मा, बस स्टैंड चौकी प्रभारी अंकित मिश्रा, उप निरीक्षक अरुणपाल सिंह एवं अन्य टीम गई हुई थी। टीम जब घटनास्थल का निरीक्षण करके वापस लौटने लगी तो मोहन घाट कटनी नदी में बनाए गए अस्थाई डैम के बीचो-बीच एक दिव्यांग वृद्ध अपनी मोपेड के साथ निकलने का प्रयास करते हुए जूझता दिखाई दिया। दिव्यांग वृद्ध को इस तरह नदी में बने अस्थाई डैम पर फंसा देखकर शहर कोतवाल आशीष शर्मा, उप निरीक्षक अरुण पाल सिंह एवं बस स्टैंड चौकी प्रभारी अंकित मिश्रा ने वृद्ध को मोपेड पर बैठा कर धक्का लगाते हुए घाट के ऊपर तक चढ़ाया। घाट के ऊपर पहुंचकर दिव्यांग वृद्ध ने पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शायद आप लोग अगर नहीं आते तो मैं कैसे निकलता मुझे खुद नहीं पता। पुलिस टीम ने वृद्ध की पीड़ा समझ कर जिस तरह उसे सुरक्षित बाहर निकाला वह पुलिस की मानवता को उजागर करता है।








