????वर्दी पर आंच????
ऑन ड्यूटी आरक्षक को पीटने वाला जनपद सदस्य का पुत्र और उसका साथी हो गए फरार, अपनी दुकान के सामने आरक्षक से सरेआम की थी मारपीट, मोबाइल बंद करके छिपता फिर रहा रंगबाज

कटनी। बीच बाजार अपनी दुकान के सामने पुलिस पर रौब झाड़ते हुए एक आरक्षक के साथ सरेआम मारपीट करने वाला बहोरीबंद जनपद सदस्य का पुत्र और उसका साथी अब पुलिस से नजरे बचाते हुए इधर-उधर छिपते फिर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि पुलिस दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए सरगर्मी से उनकी तलाश कर रही है, लेकिन दोनों ही आरोपी मोबाइल स्विच ऑफ करके लगातार पुलिस को चकमा देकर छिपते फिर रहे हैं। घटना के चार दिन बाद मारपीट का शिकार हुए आरक्षक की तबीयत भी रविवार को कुछ नासाज हो गई। बताया जाता है कि मारपीट के कारण 3 दिन बाद आरक्षक के आंख में तकलीफ हो रही थी जिसके कारण उसे आज इलाज के लिए भेजा गया है। बीते एक माह के अंदर लगातार जिले के अंदर पुलिस कर्मियों के साथ एक के बाद एक हो रही घटनाएं पुलिस विभाग की लचर कार्य प्रणाली और पुलिस के प्रति लोगों में बढ़ते आक्रोश को बयां कर रही हैं। आपको बता दें कि बीते एक माह के अंदर ही चार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं जिसमें सीधे-सीधे पुलिसकर्मीयों को निशाना बनाया गया हैं। गांव हो या शहर हर जगह पुलिस पर हमला करते हुए घटनाएं हुई हैं। माधव नगर थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मी से मारपीट, कोतवाली में ऑन ड्यूटी पुलिस कर्मियों से गाली गलौज, माधव नगर थाने में शराब के नशे में तीन लोगों के द्वारा थाने के अंदर उत्पात मचाना एवं बहोरीबंद में ऑन ड्यूटी आरक्षक को सरेआम पीटा जाना यह सारी घटनाएं पुलिस व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर रही हैं।
यह हुई थी घटना
बहोरीबंद में बुधवार 13 नवम्बर की शाम बाजार का दिन था। बाजार में अधिक भीड़ होने के चलते पुलिसबल तैनात था। इसी दौरान एक आटो चालक शराब के नशे में धुत होकर लहराते हुए आटो चला रहा था। आटो से एएसआई के वाहन को टक्कर मारने के बाद आटो चालक आटो छोड़कर भाग निकला। पुलिसकर्मियों ने आटो जब्त करते हुए चालक को लेकर पूछताछ की तो इसी दौरान वहां मौजूद आयुष गुप्ता और पारस जैन पुलिसकर्मियों से उलझ गए। ड्यूटी पर तैनात आरक्षक आकाश साहू से गाली- गलौज करते हुए मारपीट कर दी और जान से मारने की धमकी दी। आयुष जनपद सदस्य प्रकाश गुप्ता का पुत्र है। पीड़ित आरक्षक आकाश साहू की शिकायत पर आरोपी आयुष गुप्ता और पारस जैन के खिलाफ लोकसेवक से मारपीट, गाली-गलौज व धमकाने का मामला दर्ज किया गया।
आरोपी फरार
मारपीट का शिकार हुए आरक्षक की शिकायत पर जनपद सदस्य के पुत्र आयुष गुप्ता और उसके साथी पारस जैन के खिलाफ धारा 296, 121(1), 132, 351(3), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। प्रकरण दर्ज होने के बाद से ही दोनों आरोपी फरार हैं। जिन्हें पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। मामला दर्ज होने के बाद से ही जनपद सदस्य का पुत्र एवं उसका साथी पुलिस पर राजनीतिक दबाव बनाते हुए मामले को रफा दफा करने के प्रयास में जुटा हुआ है। सूत्र बताते हैं कि जनपद सदस्य के पुत्र ने घटना के एक दिन बाद मामला दर्ज होने की जानकारी लगता ही जबलपुर जिले के एक अस्पताल में जाकर अपनी जांच करवाई और खुद के घायल होने की बात कहने लगा। अब सवाल यह उठता है कि अगर पुलिस ने जनपद सदस्य के पुत्र एवं उसके साथी के साथ मारपीट की तो फिर उसने थाने जाकर इस बात की शिकायत क्यों नहीं की और एमएलसी क्यों नहीं कराई। अब तक वे लोग संबंधित थाने क्यों नहीं गए। बताया यह भी जाता है कि जिस जगह पुलिस कर्मी से मारपीट की गई उसी के पास उक्त दोनों आरोपियों में से एक की दुकान मौजूद है। जिसमें सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। आखिर उक्त दोनों आरोपी घटनास्थल पर मौजूद कैमरे की फुटेज सामने क्यों नहीं ला रहे। यदि दुकान में लगी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज सामने आ जाए तो सारी हकीकत खुद सामने आ जाएगी। दोनों ही आरोपी मोबाइल स्विच ऑफ करके पुलिस से छिपते आखिर क्यों फिर रहे हैं। पुलिस दोनों आरोपियों की लगातार तलाश कर रही है। इस मामले में पुलिस पर स्थानीय नेताओं के द्वारा राजनीतिक दबाव भी बनाया जा रहा है।
????वर्दी पर आंच????
ऑन ड्यूटी आरक्षक को पीटने वाला जनपद सदस्य का पुत्र और उसका साथी हो गए फरार, अपनी दुकान के सामने आरक्षक से सरेआम की थी मारपीट, मोबाइल बंद करके छिपता फिर रहा रंगबाज
कटनी। बीच बाजार अपनी दुकान के सामने पुलिस पर रौब झाड़ते हुए एक आरक्षक के साथ सरेआम मारपीट करने वाला बहोरीबंद जनपद सदस्य का पुत्र और उसका साथी अब पुलिस से नजरे बचाते हुए इधर-उधर छिपते फिर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि पुलिस दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए सरगर्मी से उनकी तलाश कर रही है, लेकिन दोनों ही आरोपी मोबाइल स्विच ऑफ करके लगातार पुलिस को चकमा देकर छिपते फिर रहे हैं। घटना के चार दिन बाद मारपीट का शिकार हुए आरक्षक की तबीयत भी रविवार को कुछ नासाज हो गई। बताया जाता है कि मारपीट के कारण 3 दिन बाद आरक्षक के आंख में तकलीफ हो रही थी जिसके कारण उसे आज इलाज के लिए भेजा गया है। बीते एक माह के अंदर लगातार जिले के अंदर पुलिस कर्मियों के साथ एक के बाद एक हो रही घटनाएं पुलिस विभाग की लचर कार्य प्रणाली और पुलिस के प्रति लोगों में बढ़ते आक्रोश को बयां कर रही हैं। आपको बता दें कि बीते एक माह के अंदर ही चार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं जिसमें सीधे-सीधे पुलिसकर्मीयों को निशाना बनाया गया हैं। गांव हो या शहर हर जगह पुलिस पर हमला करते हुए घटनाएं हुई हैं। माधव नगर थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मी से मारपीट, कोतवाली में ऑन ड्यूटी पुलिस कर्मियों से गाली गलौज, माधव नगर थाने में शराब के नशे में तीन लोगों के द्वारा थाने के अंदर उत्पात मचाना एवं बहोरीबंद में ऑन ड्यूटी आरक्षक को सरेआम पीटा जाना यह सारी घटनाएं पुलिस व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर रही हैं।
यह हुई थी घटना
बहोरीबंद में बुधवार 13 नवम्बर की शाम बाजार का दिन था। बाजार में अधिक भीड़ होने के चलते पुलिसबल तैनात था। इसी दौरान एक आटो चालक शराब के नशे में धुत होकर लहराते हुए आटो चला रहा था। आटो से एएसआई के वाहन को टक्कर मारने के बाद आटो चालक आटो छोड़कर भाग निकला। पुलिसकर्मियों ने आटो जब्त करते हुए चालक को लेकर पूछताछ की तो इसी दौरान वहां मौजूद आयुष गुप्ता और पारस जैन पुलिसकर्मियों से उलझ गए। ड्यूटी पर तैनात आरक्षक आकाश साहू से गाली- गलौज करते हुए मारपीट कर दी और जान से मारने की धमकी दी। आयुष जनपद सदस्य प्रकाश गुप्ता का पुत्र है। पीड़ित आरक्षक आकाश साहू की शिकायत पर आरोपी आयुष गुप्ता और पारस जैन के खिलाफ लोकसेवक से मारपीट, गाली-गलौज व धमकाने का मामला दर्ज किया गया।
आरोपी फरार
मारपीट का शिकार हुए आरक्षक की शिकायत पर जनपद सदस्य के पुत्र आयुष गुप्ता और उसके साथी पारस जैन के खिलाफ धारा 296, 121(1), 132, 351(3), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। प्रकरण दर्ज होने के बाद से ही दोनों आरोपी फरार हैं। जिन्हें पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। मामला दर्ज होने के बाद से ही जनपद सदस्य का पुत्र एवं उसका साथी पुलिस पर राजनीतिक दबाव बनाते हुए मामले को रफा दफा करने के प्रयास में जुटा हुआ है। सूत्र बताते हैं कि जनपद सदस्य के पुत्र ने घटना के एक दिन बाद मामला दर्ज होने की जानकारी लगता ही जबलपुर जिले के एक अस्पताल में जाकर अपनी जांच करवाई और खुद के घायल होने की बात कहने लगा। अब सवाल यह उठता है कि अगर पुलिस ने जनपद सदस्य के पुत्र एवं उसके साथी के साथ मारपीट की तो फिर उसने थाने जाकर इस बात की शिकायत क्यों नहीं की और एमएलसी क्यों नहीं कराई। अब तक वे लोग संबंधित थाने क्यों नहीं गए। बताया यह भी जाता है कि जिस जगह पुलिस कर्मी से मारपीट की गई उसी के पास उक्त दोनों आरोपियों में से एक की दुकान मौजूद है। जिसमें सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। आखिर उक्त दोनों आरोपी घटनास्थल पर मौजूद कैमरे की फुटेज सामने क्यों नहीं ला रहे। यदि दुकान में लगी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज सामने आ जाए तो सारी हकीकत खुद सामने आ जाएगी। दोनों ही आरोपी मोबाइल स्विच ऑफ करके पुलिस से छिपते आखिर क्यों फिर रहे हैं। पुलिस दोनों आरोपियों की लगातार तलाश कर रही है। इस मामले में पुलिस पर स्थानीय नेताओं के द्वारा राजनीतिक दबाव भी बनाया जा रहा है।