????बाबा रे बाबा????

क्या दबाव में आकर अनिल ने जारी किया मैसेज?, सतगुरु बाबा ईश्वर शाह के खिलाफ दायर परिवाद सरेंडर करने को लेकर नहीं की चर्चा, झूलेलाल मंदिर में हुई समाज की बैठक, क्या निकला निष्कर्ष, पढ़े……

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कटनी। माधव नगर के महान संत सतगुरु बाबा ईश्वर शाह के खिलाफ माधव नगर निवासी अनिल चोटरानी द्वारा माननीय न्यायालय के समक्ष दायर किए गए परिवाद में गत 1 अक्टूबर की शाम समूचे जिले में उस समय चर्चाओं का बाजार सरगर्म हो गया, जब अनिल चोटरानी ने पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत माधव नगर कटनी का धन्यवाद प्रेषित करते हुए एक मैसेज विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं ग्रुपों में सेंड किया। अनिल के इस मैसेज से यह चर्चा तेज हो गई कि शायद परिवाद को लेकर मची उहापोह की स्थिति अब सामान्य हो गई है और समाज के दखल से कोई बीच का रास्ता निकल चुका है। लेकिन दूसरे ही दिन 2 अक्टूबर को सुबह से सूत्रों के माध्यम से यह चर्चा सामने आई कि अभी पिक्चर बाकी है। अभी तो सिर्फ बातचीत का दौर शुरू हुआ है। अनिल ने अभी परिवाद वापस लेने को लेकर कोई बात नहीं कही है। अगर अनिल के द्वारा 1 अक्टूबर की शाम विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से भेजे गए मैसेज को गौर से पढ़ा जाए तो उस मैसेज में अनिल ने कहीं यह जिक्र नहीं किया कि वह अपने द्वारा दायर किए गए परिवाद को वापस लेगा या फिर लेना चाहता है। 1 अक्टूबर को झूलेलाल मंदिर में समाज की बैठक के दौरान जो बातें हुई उसके बाद अनिल ने समाज का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए एक मैसेज सोशल मीडिया में अवश्य डाला लेकिन 1 अक्टूबर को हुई बैठक में कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल सका। सूत्र बताते हैं कि 2 अक्टूबर को एक बार फिर समाज की बैठक इसी मुद्दे को लेकर होनी है। अब देखना यह है कि 2 अक्टूबर को बैठक में क्या निष्कर्ष निकलता है।

अभी दूर नहीं हुआ संकट

अनिल की माने तो यदि समाज की अगुवाई में उसकी मांगे मानकर सतगुरु बाबा ईश्वर शाह इस बात को बातचीत के जरिए खत्म करने का प्रयास करते हैं तो वह समाज का सम्मान करते हुए अपने परिवाद को आगामी दिनों में वापस भी ले सकता है। अनिल की बातें यह साफ दर्शाती है कि अभी सतगुरु बाबा ईश्वर शाह के ऊपर मंडरा रहा परिवाद का संकट अभी दूर हुआ नहीं है। यदि यह विवाद समय रहते नहीं सुलझा तो इसका प्रभाव पूरे समाज पर पड़ सकता है।

राष्ट्र रक्षक न्यूज़ चैनल द्वारा अनिल चोटरानी के द्वारा दायर किए गए परिवाद को लेकर जो भी खबरें प्रकाशित की जा रही हैं उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करना बिल्कुल भी नहीं है। राष्ट्र रक्षक न्यूज़ चैनल एक महान संत को लेकर दायर किए गए परिवाद एवं परिवाद के कारण उत्पन्न हो रही स्थितियों से समाज को अवगत कराने के उद्देश्य से ही खबरों का प्रकाशन कर रहा है। परिवाद में लगाए गए किसी भी आरोप का राष्ट्र रक्षक न्यूज़ चैनल से कोई लेना-देना नहीं है और ना ही राष्ट्र रक्षक न्यूज़ चैनल आरोपों की पुष्टि करता है।

????बाबा रे बाबा????
क्या दबाव में आकर अनिल ने जारी किया मैसेज?, सतगुरु बाबा ईश्वर शाह के खिलाफ दायर परिवाद सरेंडर करने को लेकर नहीं की चर्चा, झूलेलाल मंदिर में हुई समाज की बैठक, क्या निकला निष्कर्ष, पढ़े……

कटनी। माधव नगर के महान संत सतगुरु बाबा ईश्वर शाह के खिलाफ माधव नगर निवासी अनिल चोटरानी द्वारा माननीय न्यायालय के समक्ष दायर किए गए परिवाद में गत 1 अक्टूबर की शाम समूचे जिले में उस समय चर्चाओं का बाजार सरगर्म हो गया, जब अनिल चोटरानी ने पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत माधव नगर कटनी का धन्यवाद प्रेषित करते हुए एक मैसेज विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं ग्रुपों में सेंड किया। अनिल के इस मैसेज से यह चर्चा तेज हो गई कि शायद परिवाद को लेकर मची उहापोह की स्थिति अब सामान्य हो गई है और समाज के दखल से कोई बीच का रास्ता निकल चुका है। लेकिन दूसरे ही दिन 2 अक्टूबर को सुबह से सूत्रों के माध्यम से यह चर्चा सामने आई कि अभी पिक्चर बाकी है। अभी तो सिर्फ बातचीत का दौर शुरू हुआ है। अनिल ने अभी परिवाद वापस लेने को लेकर कोई बात नहीं कही है। अगर अनिल के द्वारा 1 अक्टूबर की शाम विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से भेजे गए मैसेज को गौर से पढ़ा जाए तो उस मैसेज में अनिल ने कहीं यह जिक्र नहीं किया कि वह अपने द्वारा दायर किए गए परिवाद को वापस लेगा या फिर लेना चाहता है। 1 अक्टूबर को झूलेलाल मंदिर में समाज की बैठक के दौरान जो बातें हुई उसके बाद अनिल ने समाज का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए एक मैसेज सोशल मीडिया में अवश्य डाला लेकिन 1 अक्टूबर को हुई बैठक में कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल सका। सूत्र बताते हैं कि 2 अक्टूबर को एक बार फिर समाज की बैठक इसी मुद्दे को लेकर होनी है। अब देखना यह है कि 2 अक्टूबर को बैठक में क्या निष्कर्ष निकलता है।
अभी दूर नहीं हुआ संकट
अनिल की माने तो यदि समाज की अगुवाई में उसकी मांगे मानकर सतगुरु बाबा ईश्वर शाह इस बात को बातचीत के जरिए खत्म करने का प्रयास करते हैं तो वह समाज का सम्मान करते हुए अपने परिवाद को आगामी दिनों में वापस भी ले सकता है। अनिल की बातें यह साफ दर्शाती है कि अभी सतगुरु बाबा ईश्वर शाह के ऊपर मंडरा रहा परिवाद का संकट अभी दूर हुआ नहीं है। यदि यह विवाद समय रहते नहीं सुलझा तो इसका प्रभाव पूरे समाज पर पड़ सकता है।
राष्ट्र रक्षक न्यूज़ चैनल द्वारा अनिल चोटरानी के द्वारा दायर किए गए परिवाद को लेकर जो भी खबरें प्रकाशित की जा रही हैं उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करना बिल्कुल भी नहीं है। राष्ट्र रक्षक न्यूज़ चैनल एक महान संत को लेकर दायर किए गए परिवाद एवं परिवाद के कारण उत्पन्न हो रही स्थितियों से समाज को अवगत कराने के उद्देश्य से ही खबरों का प्रकाशन कर रहा है। परिवाद में लगाए गए किसी भी आरोप का राष्ट्र रक्षक न्यूज़ चैनल से कोई लेना-देना नहीं है और ना ही राष्ट्र रक्षक न्यूज़ चैनल आरोपों की पुष्टि करता है।

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Author: RashtraRakshak