????ये कैसा प्रदर्शन????
हजारों लोगों को परेशानी में झोंक कर हो रहा प्रदर्शन, चांडक चौक में अघोषित चक्का जाम से बिगड़ी व्यवस्था, प्रदर्शन से हजारों वाहन फंसे

कटनी। जगन्नाथ चौक से घंटाघर तक सड़क निर्माण को लेकर आज जगन्नाथ चौक पर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। शहर विकास के लिए किए जा रहे विरोध प्रदर्शन का स्वरूप बिना अनुमति एवं सूचना के चक्का जाम में परिवर्तित कर दिया गया, जिस कारण जगन्नाथ चौक से लेकर आजाद चौक एवं घंटाघर कटनी नदी पुल पार तक बडी संख्या में हजारों वाहनों का जाम लग गया। जाम में स्कूल के छात्र-छात्राओं सहित बुजुर्ग एवं महिलाएं बुरी तरह फंसी हुई है।
विरोध प्रदर्शन के इस तरीके से जाम में फंसे नागरिकों में भारी आक्रोश भड़क रहा है। पुलिस प्रशासन हाथ पर हाथ धरे तमाशबीन बना हुआ है। शहर विकास की मांग को लेकर पूरे शहर को परेशानी में डाल देने वाले इस प्रदर्शन के कारण आज पूरा शहर अस्त-व्यस्त हो चुका है। प्रदर्शन कार्यो ने व्यवस्था इस कदर बिगाड़ दी है कि आधे से अधिक शहर में जाम की स्थिति निर्मित हो चुकी है जहां कहां स्कूली बच्चे बुजुर्ग लोग और शहर के आम शहर वासी फंसे हुए हैं। बातचीत में लोगों ने कहा कि शहर हित के लिए विरोध प्रदर्शन करना तो ठीक है लेकिन प्रदर्शन के नाम पर इस तरह अव्यवस्था पैदा करना विरोध का सही तरीका नहीं कहा जा सकता। अगर संवेदना ही व्यक्त करनी है तो उसके लिए शांतिपूर्ण तरीके से किसी स्थल पर प्रदर्शन किया जाना था। उचित तो यह था कि नगर निगम कार्यालय के बाहर ही प्रदर्शन कर कर अपनी बात रखते लेकिन इस तरह शहर को परेशानी में डालकर अपनी मांग बुलंद करना बिल्कुल जायज नहीं।
????ये कैसा प्रदर्शन????
हजारों लोगों को परेशानी में झोंक कर हो रहा प्रदर्शन, चांडक चौक में अघोषित चक्का जाम से बिगड़ी व्यवस्था, प्रदर्शन से हजारों वाहन फंसे
कटनी। जगन्नाथ चौक से घंटाघर तक सड़क निर्माण को लेकर आज जगन्नाथ चौक पर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। शहर विकास के लिए किए जा रहे विरोध प्रदर्शन का स्वरूप बिना अनुमति एवं सूचना के चक्का जाम में परिवर्तित कर दिया गया, जिस कारण जगन्नाथ चौक से लेकर आजाद चौक एवं घंटाघर कटनी नदी पुल पार तक बडी संख्या में हजारों वाहनों का जाम लग गया। जाम में स्कूल के छात्र-छात्राओं सहित बुजुर्ग एवं महिलाएं बुरी तरह फंसी हुई है।
विरोध प्रदर्शन के इस तरीके से जाम में फंसे नागरिकों में भारी आक्रोश भड़क रहा है। पुलिस प्रशासन हाथ पर हाथ धरे तमाशबीन बना हुआ है। शहर विकास की मांग को लेकर पूरे शहर को परेशानी में डाल देने वाले इस प्रदर्शन के कारण आज पूरा शहर अस्त-व्यस्त हो चुका है। प्रदर्शन कार्यो ने व्यवस्था इस कदर बिगाड़ दी है कि आधे से अधिक शहर में जाम की स्थिति निर्मित हो चुकी है जहां कहां स्कूली बच्चे बुजुर्ग लोग और शहर के आम शहर वासी फंसे हुए हैं। बातचीत में लोगों ने कहा कि शहर हित के लिए विरोध प्रदर्शन करना तो ठीक है लेकिन प्रदर्शन के नाम पर इस तरह अव्यवस्था पैदा करना विरोध का सही तरीका नहीं कहा जा सकता। अगर संवेदना ही व्यक्त करनी है तो उसके लिए शांतिपूर्ण तरीके से किसी स्थल पर प्रदर्शन किया जाना था। उचित तो यह था कि नगर निगम कार्यालय के बाहर ही प्रदर्शन कर कर अपनी बात रखते लेकिन इस तरह शहर को परेशानी में डालकर अपनी मांग बुलंद करना बिल्कुल जायज नहीं।