????मदद के हांथ????

जिस दिल में दूसरों के दर्द की पीड़ा ना हो वह दिल भी क्या, कर्तव्य पूर्ति के साथ यातायात थाना प्रभारी ने पेश की पुलिस के मानवीय चेहरे की मिसाल, नाईट गस्त करते हुए ठंड से ठिठुरते कई जरूरतमंदों को भेंट की कंबल

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कटनी। अपने लिए तो हर कोई जीता है, अपनी सुख सुविधा का हर किसी को ख्याल भी रहता है। दूसरों के दुख दर्द को समझने और उसके लिए आगे बढ़ कर कुछ करने वाले कम ही होते हैं। कुछ इसी तरह की मिसाल विगत रात्रि यातायात थाना प्रभारी आरआई राहुल पांडे ने पेश की। वैसे तो उन्हें शहर को सुरक्षित रखने के लिए नाइट गस्त की जिम्मेदारी सौंप गई थी। जब वे अपनी जिम्मेदारी को गस्त करते हुए निभा रहे थे, उस दौरान हड्डियां गला देने वाली ठंड में बिना गर्म कपड़ों के सड़क किनारे एक बुजुर्ग को तड़पता देख उनकी रूह कांप गई। बुजुर्ग को ठंड के कारण तड़पता देख तत्काल उन्होंने स्टाफ के साथ जाकर बाजार से कुछ कंबलें खरीदी और तुरंत बुजुर्ग को भेंट की। अपने सामने एक पुलिस अधिकारी को हाथ में कंबल लिए खड़ा देख बुजुर्ग की आंखें भी नम हो गई और उसने कंबल ओढ़ने के बाद दिल से यातायात थाना प्रभारी आरआई राहुल पांडे का धन्यवाद किया।

एसपी श्री रंजन ने दिखाई राह

आरआई राहुल पांडे ने बातचीत करते हुए कहा कि पुलिस अधीक्षक अभिजीत कुमार रंजन ने सभी पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अपने कर्तव्यों की पूर्ति करते हुए समाज हित और जनहित में भी तत्परतापूर्वक कार्य करें। पुलिस के द्वारा मानव सेवा के लिए किए जाने वाले कार्य समाज को प्रेरणा प्रदान करते हैं। एसपी श्रीरंजन द्वारा दिए गए निर्देशों को ध्यान में रखते हुए और मानव सेवा को। सर्वोपरी मानते हुए मेरे द्वारा एक दर्जन से अधिक जरूरतमंद लोगों को कंबल भेंट की गई।

हाथ से हाथ जुड़े तो बात बने

थाना प्रभारी श्री पांडे ने कहा कि ईश्वर का दिया हम सभी के पास बहुत कुछ है। कुछ ऐसे लोग भी हैं जो छोटी-छोटी चीजों के लिए तरसते रहते हैं। क्यों न हम अपनी सामर्थ के अनुसार उन जरूरत मंद हाथों का सहारा बनें। अगर हाथ से हाथ जुड़कर हम आगे बढ़ें तो सभी की मुश्किलें पलक झपकते दूर हो सकती हैं। यातायात थाना प्रभारी श्री पांडे के द्वारा कुछ जरूरतमंद लोगों को कंबल भेंट करते हुए जो मिसाल पेश की गई वह वाकई में तारीफ के काबिल है। थाना प्रभारी के इस कार्य ने पुलिस के मानवीय चेहरे को गौरवान्वित किया है। यदि इसी तरह अन्य सुविधा संपन्न लोग मदद के लिए आगे आए तो फिर ऐसी समस्या नजर ही ना आए।

????मदद के हांथ????
जिस दिल में दूसरों के दर्द की पीड़ा ना हो वह दिल भी क्या, कर्तव्य पूर्ति के साथ यातायात थाना प्रभारी ने पेश की पुलिस के मानवीय चेहरे की मिसाल, नाईट गस्त करते हुए ठंड से ठिठुरते कई जरूरतमंदों को भेंट की कंबल

कटनी। अपने लिए तो हर कोई जीता है, अपनी सुख सुविधा का हर किसी को ख्याल भी रहता है। दूसरों के दुख दर्द को समझने और उसके लिए आगे बढ़ कर कुछ करने वाले कम ही होते हैं। कुछ इसी तरह की मिसाल विगत रात्रि यातायात थाना प्रभारी आरआई राहुल पांडे ने पेश की। वैसे तो उन्हें शहर को सुरक्षित रखने के लिए नाइट गस्त की जिम्मेदारी सौंप गई थी। जब वे अपनी जिम्मेदारी को गस्त करते हुए निभा रहे थे, उस दौरान हड्डियां गला देने वाली ठंड में बिना गर्म कपड़ों के सड़क किनारे एक बुजुर्ग को तड़पता देख उनकी रूह कांप गई। बुजुर्ग को ठंड के कारण तड़पता देख तत्काल उन्होंने स्टाफ के साथ जाकर बाजार से कुछ कंबलें खरीदी और तुरंत बुजुर्ग को भेंट की। अपने सामने एक पुलिस अधिकारी को हाथ में कंबल लिए खड़ा देख बुजुर्ग की आंखें भी नम हो गई और उसने कंबल ओढ़ने के बाद दिल से यातायात थाना प्रभारी आरआई राहुल पांडे का धन्यवाद किया।
एसपी श्री रंजन ने दिखाई राह
आरआई राहुल पांडे ने बातचीत करते हुए कहा कि पुलिस अधीक्षक अभिजीत कुमार रंजन ने सभी पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अपने कर्तव्यों की पूर्ति करते हुए समाज हित और जनहित में भी तत्परतापूर्वक कार्य करें। पुलिस के द्वारा मानव सेवा के लिए किए जाने वाले कार्य समाज को प्रेरणा प्रदान करते हैं। एसपी श्रीरंजन द्वारा दिए गए निर्देशों को ध्यान में रखते हुए और मानव सेवा को। सर्वोपरी मानते हुए मेरे द्वारा एक दर्जन से अधिक जरूरतमंद लोगों को कंबल भेंट की गई।
हाथ से हाथ जुड़े तो बात बने
थाना प्रभारी श्री पांडे ने कहा कि ईश्वर का दिया हम सभी के पास बहुत कुछ है। कुछ ऐसे लोग भी हैं जो छोटी-छोटी चीजों के लिए तरसते रहते हैं। क्यों न हम अपनी सामर्थ के अनुसार उन जरूरत मंद हाथों का सहारा बनें। अगर हाथ से हाथ जुड़कर हम आगे बढ़ें तो सभी की मुश्किलें पलक झपकते दूर हो सकती हैं। यातायात थाना प्रभारी श्री पांडे के द्वारा कुछ जरूरतमंद लोगों को कंबल भेंट करते हुए जो मिसाल पेश की गई वह वाकई में तारीफ के काबिल है। थाना प्रभारी के इस कार्य ने पुलिस के मानवीय चेहरे को गौरवान्वित किया है। यदि इसी तरह अन्य सुविधा संपन्न लोग मदद के लिए आगे आए तो फिर ऐसी समस्या नजर ही ना आए।

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Author: RashtraRakshak