????बाबा रे बाबा????

पवित्र दरबार के प्रति हो रहा धर्म प्रेमियों का मोहभंग?, तेजी से आ रही अनुयायियों में गिरावट?, बर्शी मेले में भी दिखा गिरावट का असर?, 25% तक कम पहुंचे लोग?, अनिल के परिवाद का हुआ असर या फिर कोई और वजह….

 

कटनी। माधव नगर के महान संत सतगुरु बाबा ईश्वर शाह के दरबार में बीते दिनों प्रतिवर्ष की तरह विशाल बर्शी महोत्सव का आयोजन किया गया। वैसे तो दो दिवसीय बर्शी मेले में देश के कोने-कोने से अनुयाई धर्म लाभ लेने पहुंचे। लेकिन बर्शी मेला बीतने के बाद यह चर्चा आम हो चली है कि इस बार बर्शी मेले में आने वाले धर्म प्रेमियों की संख्या पहले की अपेक्षा 25 फ़ीसदी तक कम रही। मेले में पहुंचने वाले धर्म प्रेमियों की संख्या में आई गिरावट दरबार से जुड़े लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। चर्चा तो यह भी सामने आ रही है कि केवल लोगों की संख्या में ही गिरावट नहीं हुई बल्कि बर्शी मेले में एकत्र होने वाला चंदा और दान भी काफी हद तक प्रभावित हुआ है। इस गिरावट की वजह अनिल के द्वारा महान संत सतगुरु बाबा ईश्वर शाह को लेकर माननीय न्यायालय के समक्ष दायर किया गया अपराधिक परिवाद है या फिर कुछ और इस बात की चर्चा मेला खत्म होते ही शुरू हो गई है।

लगातार आ रही गिरावट

स्थानीय धर्म प्रेमियों तथा दरबार से जुड़े लोगों ने नाम ना उजागर करने की शर्त पर बताया कि माधव नगर स्थित पवित्र दरबार के प्रति लोगों में जो आस्था पहले थी उसमें अब काफी हद तक कमी आ गई है। स्थानीय लोगों की माने तो लोगों में आ रही आस्था में कमी के पीछे दरबार से जुड़े कुछ लोगों के क्रियाकलाप ही जिम्मेदार हैं। दरबार में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जो की सतगुरु बाबा ईश्वर शाह के करीब रहकर भी उनके खिलाफ काम करते रहते हैं। शायद यही वजह है कि बीते कुछ वर्षों में माधव नगर के पवित्र दरबार के प्रति लोगों की आस्था में तेजी से गिरावट होती जा रही है।

स्थानीय लोगों ने कर लिया किनारा

दरबार से जुड़े लोगों तथा स्थानीय सूत्रों ने बताया कि दरबार से जुड़े लोगों के द्वारा कुछ ऐसी गतिविधियां की जा रही हैं जो कि समाज के लिए उचित नहीं कहीं जा सकती। इसी वजह से माधव नगर एवं कटनी जिले में रहने वाले आस्थावान काफी लोगों ने अब दरबार से दूरियां बना ली है। सूत्रों की माने तो अब माधव नगर में रहने वाले लोगों में से ही केवल 25 फ़ीसदी ऐसे लोग बचे हैं जो की दरबार से जुड़े हैं, बाकी ज्यादातर लोग अब दरबार से अलग होकर दूसरी राह पकड़ चुके हैं।

बाहरी लोगों के आने में भी आई कमी

जहां माधव नगर के स्थानीय निवासियों की आस्था में परिवर्तन आया है वही दरबार से जुड़े बाहरी लोगों की आस्था भी प्रभावित हुई है। जिले के बाहर से आने वाले लोगों की संख्या भी दिन बदिन घटती जा रही है। जैसे-जैसे दरबार से जुड़े लोगों की आस्था प्रभावित हो रही है वैसे-वैसे अनुयायियों की संख्या घट रही है जिसका सीधा असर दरबार की ख्याति पर पड़ता दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों की माने तो इन सभी परिस्थितियों के लिए महान संत सतगुरु बाबा ईश्वर शाह के इर्द-गिर्द मौजूद रहने वाले कुछ लोग जिम्मेदार हैं। निजी स्वार्थ के चलते इन लोगों ने कुछ इस तरह का रवैया अपनाया जिसका असर लोगों की आस्था पर पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते दरबार की ख्याति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों को पहचान कर इस स्थिति को ठीक करने के प्रयास नहीं किए गए तो फिर आगामी दिनों में इसका असर व्यापक तौर पर दिखाई देगा। दरबार से जुड़ी ऐसी और कई बातें हैं जो की चर्चा में है जिनके विषय में पढ़े अगले अंक में……

????बाबा रे बाबा????
पवित्र दरबार के प्रति हो रहा धर्म प्रेमियों का मोहभंग?, तेजी से आ रही अनुयायियों में गिरावट?, बर्शी मेले में भी दिखा गिरावट का असर?, 25% तक कम पहुंचे लोग?, अनिल के परिवाद का हुआ असर या फिर कोई और वजह….

कटनी। माधव नगर के महान संत सतगुरु बाबा ईश्वर शाह के दरबार में बीते दिनों प्रतिवर्ष की तरह विशाल बर्शी महोत्सव का आयोजन किया गया। वैसे तो दो दिवसीय बर्शी मेले में देश के कोने-कोने से अनुयाई धर्म लाभ लेने पहुंचे। लेकिन बर्शी मेला बीतने के बाद यह चर्चा आम हो चली है कि इस बार बर्शी मेले में आने वाले धर्म प्रेमियों की संख्या पहले की अपेक्षा 25 फ़ीसदी तक कम रही। मेले में पहुंचने वाले धर्म प्रेमियों की संख्या में आई गिरावट दरबार से जुड़े लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। चर्चा तो यह भी सामने आ रही है कि केवल लोगों की संख्या में ही गिरावट नहीं हुई बल्कि बर्शी मेले में एकत्र होने वाला चंदा और दान भी काफी हद तक प्रभावित हुआ है। इस गिरावट की वजह अनिल के द्वारा महान संत सतगुरु बाबा ईश्वर शाह को लेकर माननीय न्यायालय के समक्ष दायर किया गया अपराधिक परिवाद है या फिर कुछ और इस बात की चर्चा मेला खत्म होते ही शुरू हो गई है।
लगातार आ रही गिरावट
स्थानीय धर्म प्रेमियों तथा दरबार से जुड़े लोगों ने नाम ना उजागर करने की शर्त पर बताया कि माधव नगर स्थित पवित्र दरबार के प्रति लोगों में जो आस्था पहले थी उसमें अब काफी हद तक कमी आ गई है। स्थानीय लोगों की माने तो लोगों में आ रही आस्था में कमी के पीछे दरबार से जुड़े कुछ लोगों के क्रियाकलाप ही जिम्मेदार हैं। दरबार में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जो की सतगुरु बाबा ईश्वर शाह के करीब रहकर भी उनके खिलाफ काम करते रहते हैं। शायद यही वजह है कि बीते कुछ वर्षों में माधव नगर के पवित्र दरबार के प्रति लोगों की आस्था में तेजी से गिरावट होती जा रही है।
स्थानीय लोगों ने कर लिया किनारा
दरबार से जुड़े लोगों तथा स्थानीय सूत्रों ने बताया कि दरबार से जुड़े लोगों के द्वारा कुछ ऐसी गतिविधियां की जा रही हैं जो कि समाज के लिए उचित नहीं कहीं जा सकती। इसी वजह से माधव नगर एवं कटनी जिले में रहने वाले आस्थावान काफी लोगों ने अब दरबार से दूरियां बना ली है। सूत्रों की माने तो अब माधव नगर में रहने वाले लोगों में से ही केवल 25 फ़ीसदी ऐसे लोग बचे हैं जो की दरबार से जुड़े हैं, बाकी ज्यादातर लोग अब दरबार से अलग होकर दूसरी राह पकड़ चुके हैं।
बाहरी लोगों के आने में भी आई कमी
जहां माधव नगर के स्थानीय निवासियों की आस्था में परिवर्तन आया है वही दरबार से जुड़े बाहरी लोगों की आस्था भी प्रभावित हुई है। जिले के बाहर से आने वाले लोगों की संख्या भी दिन बदिन घटती जा रही है। जैसे-जैसे दरबार से जुड़े लोगों की आस्था प्रभावित हो रही है वैसे-वैसे अनुयायियों की संख्या घट रही है जिसका सीधा असर दरबार की ख्याति पर पड़ता दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों की माने तो इन सभी परिस्थितियों के लिए महान संत सतगुरु बाबा ईश्वर शाह के इर्द-गिर्द मौजूद रहने वाले कुछ लोग जिम्मेदार हैं। निजी स्वार्थ के चलते इन लोगों ने कुछ इस तरह का रवैया अपनाया जिसका असर लोगों की आस्था पर पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते दरबार की ख्याति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों को पहचान कर इस स्थिति को ठीक करने के प्रयास नहीं किए गए तो फिर आगामी दिनों में इसका असर व्यापक तौर पर दिखाई देगा। दरबार से जुड़ी ऐसी और कई बातें हैं जो की चर्चा में है जिनके विषय में पढ़े अगले अंक में……

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Author: RashtraRakshak